'केरल में अधिकतर सोना तस्कर हैं मुसलमान, काज़ी को इसे गैर-इस्लामी बताना चाहिए' - MLA केटी जलील

शनिवार को जलील ने कहा था कि पनाक्कड़ सादिकअली शिहाब थंगल जो कई महलों के काज़ी हैं को एक धार्मिक निर्णय जारी कर देना चाहिए जिसमें लिखा हो कि सोने का अवैध कारोबार करना एंटी-नेशनल एक्टिविटी है और मुस्लिमों को इस तरह की चीजों में शामिल नहीं होना चाहिए. 

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(फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

केरल के थावनूर से सीपीएम विधायक केटी जलील ने रविवार को कहा कि करीपुर एयरपोर्ट के आसपास सोने के अवैध कारोबार में शामिल ज़्यादातर लोग मुस्लिम समुदाय से हैं. इस मुद्दे पर बात किए बिना उन्होंने कहा कि समुदाय सुधार या प्रगति हासिल नहीं कर पाएगा.

शनिवार को जलील ने कहा था कि पनाक्कड़ सादिकअली शिहाब थंगल, जो सम्मानित काज़ी हैं को एक धार्मिक निर्णय जारी कर देना चाहिए जिसमें लिखा हो कि सोने का अवैध कारोबार करना एंटी-नेशनल एक्टिविटी है और मुस्लिमों को इस तरह की चीजों में शामिल नहीं होना चाहिए. 

एक सोशल मीडिया पोस्ट में जलील ने कहा कि धार्मिक संबद्धता की परवाह किए बिना गलत कामों का संबंधित धार्मिक समुदायों द्वारा विरोध किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "ईसाइयों को अपनी कम्यूनिटी में उभर रही खामियों, मुसलिम को अपनी कम्यूनिटी में हो रही खामियों और हिंदूओं को अपने समुदाय के अंदर की खामियों पर ध्यान देना चाहिए. धार्मिक सुधार और सामाजिक जागृति हमेशा इसी तरह से होती आई है."

जलील ने कहा, "यह एक तथ्य है कि सोने की तस्करी और हवाला मामलों में शामिल मुसलमानों की एक बड़ी संख्या का मानना ​​है कि ये काम उनके धर्म के विरुद्ध नहीं है. यह सुझाव देना कि धार्मिक नेताओं को ऐसे व्यक्तियों को शिक्षित करना चाहिए, इस्लामोफोबिक कैसे हो जाता है? समाज उन लोगों का उपहास करता है जो दूसरों की गलतियों को इंगित करते हुए अपनी गलतियों को अनदेखा करते हैं". 

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उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कुरान की एक लाइन लिखी, "आप दूसरों पर वो चीज करने का दबाव नहीं डाल सकते हैं जो आप खुद नहीं करते हैं. यह ईश्वर के सामने एक गंभीर पाप है." 

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