33 फीसदी के अंदर भी अलग से रिजर्वेशन; महिला आरक्षण पर क्या है मोदी सरकार का अगला प्लान?

पहला प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा.दूसरा विधेयक परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) की स्थापना के लिए लाया जाएगा.

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  • सरकार महिला आरक्षण लागू करने के लिए दो विधेयक लाने की योजना बना रही है जिनमें संविधान संशोधन शामिल होगा
  • पहला विधेयक लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए तिहाई आरक्षण का प्रावधान करेगा
  • दूसरा विधेयक परिसीमन आयोग की स्थापना के लिए होगा और इसे राज्यों से अलग अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी
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नई दिल्ली:

सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर दो विधेयक लाने की योजना बना रही है.सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहला प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा.इसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 33% कोटा के भीतर अलग से आरक्षण का प्रावधान भी शामिल होगा.

विपक्षी दलों से भी किया संपर्क

एक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि ने एनडीटीवी से कहा कि इस प्रस्तावित विधेयक को दो तिहाई बहुमत से पारित करना होगा.इसे राज्यों की ओर से अलग से अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी. दूसरा विधेयक परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) की स्थापना के लिए लाया जाएगा.सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार की कांग्रेस नेतृत्व के साथ बातचीत जारी है. सरकार ने पिछले कुछ दिनों में इस नए प्रस्ताव पर अन्य विपक्षी दलों से भी संपर्क किया है.

इंडिया ब्लॉक की सुबह मीटिंग

उधर लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक (Chief Whip) मणिकम टैगोर ने सोमवार को एनडीटीवी से बातचीत में कहा,"महिला आरक्षण के मुद्दे पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं और फ्लोर लीडर्स कि मंगलवार सुबह 10:30 बजे बैठक बुलाई है. बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे.इस बैठक में महिला आरक्षण के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की साझा रणनीति तय की जाएगी. बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे सरकार के साथ हुई अब तक की बातचीत के बारे में विस्तार से ब्रीफ करेंगे".

सुझाव तो कांग्रेस ने ही दिया था...

पिछले 10 दिन में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खड़गे से तीन बार बात की है. मणिकम टैगोर ने कहा कि 2023 में जब महिला आरक्षण कानून लाया गया था. उस वक्त ही कांग्रेस पार्टी ने मांग की थी कि महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को डीलिमिटेशन से लिंक करना सही नहीं होगा और इसे परिसीमन की प्रक्रिया से डिलिंक करना जरूरी है, अब सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है जिसका सुझाव सबसे पहले कांग्रेस पार्टी ने ही दिया था.

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कांग्रेस का सरकार को क्या सुझाव

पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि मैंने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू को एक चिट्ठी लिखकर मांग की है की महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को सर्दलीय बैठक बुलाना चाहिए.विपक्षी दलों को अलग-अलग सलाह मशवरे के लिए बुलाना सही नहीं होगा क्योंकि इसके जरिए राजनीतिक दलों को इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर डिवाइड करने की कोशिश हो सकती है. यह राष्ट्रीय हित से जुड़ा मामला है. इस पर सरकार को सभी राजनीतिक दलों में आम सहमति और उनकी राय लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए.

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