- MNS चीफ राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि वोटिंग के दौरान लगाई जाने वाली स्याही मिट जा रही है
- राज ने कहा कि सत्तारूढ़ दल चुनाव जीतने के लिए हर तरह का जुगत लगा रहा है
- हालांकि, बीएमसी ने स्याही मिटाई जाने की खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है
बीएमसी चुनाव के दौरान एमएनएस के चीफ राज ठाकरे ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पहले जो स्याही मतदान में निशान के लिए प्रयोग की जाती थी उसकी जगह एक पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस पेन को लेकर कई शिकायतें आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने पर स्याही गायब हो जा रही है. उन्होंने कहा कि हम आपको बताना चाहते हैं कि कैसे सिस्टम चलाया जा रहा है. ये बस किसी तरह चुनाव जीतने का तरीका है.
राज का आरोप स्याही मिट जा रही है
राज ठाकरे ने कहा कि सरकार और प्रशासन सत्ता हासिल करने के लिए हर तरह की कोशिश कर रही है. राज ठाकरे ने कहा कि सरकार और प्रशासन सत्ता हासिल करने के लिए हर तरह की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि ये स्याही खरीदी गई लेकिन चुनाव आयोग किसी भी पार्टी को इसकी पूरी जानकारी नहीं दी. बार-बार अनुरोध के बाद भी हमें मशीन नहीं दी गई. उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग को इसके बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए. चिट्ठी सौंपने के बाद भी कुछ नहीं किया जा रहा है.
सत्ता में बने के रहने के लिए चालबाजी
राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए नया नियम बनाया जा रहा है. ये साफ बताता है कि सरकार सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर रही है. हम इसे चुनाव नहीं कहते हैं क्योंकि सत्ता में आने के लिए चालबाजी की जा रही है. उन्होंने कहा कि मैं लोगों और शिवसेना वर्कर से अपील करता हूं कि वो ऐसी चीजों से सतर्क रहें. एक शख्स तो दो बार वोट करते हुए पकड़ा गया.
बीएमसी का भी आया जवाब
हालांकि, बीएमसी ने स्याही मिटाने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है. बीएमसी ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि निकाय चुनावों के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर लगे पक्की स्याही के निशान मिटाए जा रहे हैं और बीएमसी प्रमुख ने इसे स्वीकार किया है. बीएमसी ने एक बयान में कहा कि मीडिया में आ रहीं ये खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं.
मुंबई के 227 वॉर्डों में वोटिंग
बीएमसी प्रशासन ने कहा कि बीएमसी आयुक्त ने मतदान के बाद पक्की स्याही मिटाए जाने के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है. इसलिए, मीडिया में प्रसारित हो रही खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है. प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर वोट डालते समय मतदान कर्मचारी मतदाता के बाएं हाथ की एक उंगली पर पक्की स्याही लगाते हैं. मुंबई के 227 वार्डों के लिए 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. मुंबई भर में कुल 10,231 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं और 64,375 अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है.














