मिडिल ईस्ट जंग : बंदरगाहों पर फंसा हजारों करोड़ का सामान, टेक्सटाइल सेक्टर की थमी रफ्तार

मध्यपूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज़ अब भी फंसे हुए हैं, जबकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पूर्वी इलाके में 2 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज़ रूके हुए हैं.

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  • युद्ध के कारण भारतीय एक्सपोर्ट का हजारों करोड़ का सामान कार्गो जहाजों और पोर्टों पर फंसा हुआ है.
  • दुबई भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब है, जहां से पूरे मध्य पूर्व एशिया और अफ्रीका में सामान पहुंचता है.
  • होर्मुज में 24 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज युद्ध की वजह से फंसे हुए हैं, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित है.
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नई दिल्ली:

पिछले 20 दिनों से मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से भारतीय एक्सपोर्टरों का हजारों करोड़ का एक्सपोर्ट का सामान कार्गो जहाजों और पोर्टों पर फंसा हुआ है. इसकी वजह से एक्सपोर्ट सेक्टर में व्यापार धीमा पड़ गया है और नुकसान का अंदेशा बढ़ता जा रहा है. सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर में टेक्सटाइल/गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर शामिल है.

NDTV की टीम जब नॉएडा स्थित M/s Twenty Second Milesकी एक्सपोर्ट यूनिट पहुंची, तो वहां एक्सपोर्ट किये जाने वाले नए कपड़ों/गारमेंट्स का प्रोडक्शन रूका होता था. Apparel Export Promotion Council के सदस्य और NOIDA Apparel Export Promotion Cluster के अध्यक्ष Lalit Thukral ने NDTV से कहा, "भारत से मध्य पूर्व एशिया के देशों में एक्सपोर्ट का दुबई सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब (EXPORT HUB) है. दुबई के जरिए ही भारत से एक्सपोर्ट होने वाला सामान पूरे मध्य पूर्व एशिया और अफ्रीका के देशों में पहुंचता है. युद्ध की वजह से भारतीय एक्सपोर्टर का सामान दुबई नहीं पहुंच पा रहा है, जिस वजह से पूरे मध्य पूर्व एशिया में भारतीय एक्सपोर्ट बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है".

इसकी वजह से पूरे दुबई में Export का व्यापार ठप हो गया है. ललित ठुकराल कहते हैं, "मध्य पूर्व एशिया के बड़े खरीददारों ने भारतीय एक्सपोर्टरों से एक्सपोर्ट सामान का प्रोडक्शन रोकने के लिए कहा है, क्योंकि ये युद्ध कब तक चलेगा इसको लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है, और एक्सपोर्ट व्यापार का ग्लोबल सप्लाई चैन बेहद कमज़ोर हो चुका है".  

मध्यपूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज़ अब भी फंसे हुए हैं, जबकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पूर्वी इलाके में 2 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज़ रूके हुए हैं.

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स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के आसपास दुनियाभर के देशों के करीब 700 जहाज पिछले 20 दिनों से फंसे हैं, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से war zone बना हुआ है. एक विकल्प AIR CARGO से एक्सपोर्ट का सामान यूरोप और अमेरिका तक भेजने का है, लेकिन ये विकल्प काफी महंगा हो चुका है. टेक्सटाइल एक्सपोर्टर ललित ठुकराल के मुताबिक, "युद्ध से पहले एयर कार्गो का चार्ज ₹300 प्रति किलो था जो अब बढ़कर ₹800 प्रति किलो तक हो चुका है. इसकी वजह से भारतीय एक्सपोर्टर अपना सामान एयर कार्गो से भी नहीं भेज पा रहे हैं".

दुबई में रहने वाले नागरिकों में अफरा-तफरी का माहौल है, अधिकतर लोग दुबई छोड़ना चाहते हैं. वहां अधिकतर बैंक और वित्तीय संस्थान बंद पड़े हैं, और कारोबार का लेनदेन नहीं हो पा रहा है. वहां के माल्स और बाज़ारों में भी बिज़नेस काफी घट चुका है.  भारत सरकार ने युद्ध से प्रभावित एक्सपोर्टों को राहत देने के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है लेकिन सरकार को और बड़े स्तर पर पहल करना होगा.

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