जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री के बीच तीन बार हुई बात, MEA ने बताया किस मुद्दे पर चर्चा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है. पिछली बातचीत में जहाजों की सुरक्षा और भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर बात हुई थी। इसके अलावा, मेरे लिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.'

'मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों की मदद कर रही सरकार'

रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों की मदद कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम उन भारतीय नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं जो अजरबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं और वहां से कमर्शियल फ्लाइट लेकर घर लौटना चाहते हैं. हम उन्हें वीजा दिलाने में मदद कर रहे हैं. हम उन्हें जमीनी बॉर्डर पार करने में भी मदद कर रहे हैं.'

उन्होंने कहा, 'ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक थे या हैं. इन 9,000 भारतीय नागरिकों में स्टूडेंट, नाविक, बिजनेस करने वाले, प्रोफेशनल और कुछ टूरिस्ट शामिल हैं. कई भारतीय नागरिक, जिनमें ज्यादातर स्टूडेंट हैं, देश छोड़कर घर पहुंच गए. हमने तेहरान में मौजूद कई भारतीय नागरिकों को देश के दूसरे सुरक्षित जगहों और शहरों में शिफ्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि मैं इस मौके पर उन सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देना चाहूंगा जो जमीनी बॉर्डर के रास्ते ईरान छोड़ना चाहते हैं. उन्हें हमारी एम्बेसी की जारी की गई एडवाइजरी का पालन करना चाहिए.'

'बांग्लादेश समेत पड़ोसी देश मांग रहे डीजल'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक बड़ा एक्सपोर्टर है. हमें बांग्लादेश सरकार से डीजल की सप्लाई के लिए एक रिक्वेस्ट मिली है, जिसकी जांच की जा रही है. यह बताना जरूरी है कि बांग्लादेश को डीजल एक्सपोर्ट 2017 से काफी हद तक जारी है, लेकिन फैसले लेते समय भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी, हमारी अपनी जरूरतें और डीजल की अवेलेबिलिटी को ध्यान में रखा जाएगा. हमें श्रीलंका और मालदीव समेत कई दूसरे देशों से भी ऐसी रिक्वेस्ट मिली हैं और हमारी अपनी एनर्जी जरूरतों और हमारे पास जो अवेलेबिलिटी है, उसे ध्यान में रखते हुए इनकी जांच की जा रही है.'

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जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से तीन बार की बात

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष के बीच हाल ही में तीन महत्वपूर्ण दौर की बातचीत हुई. जिसमें सबसे ताजा संवाद 10 मार्च 2026 को हुआ. इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र मध्य पूर्व के तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना था. इस कूटनीतिक सक्रियता का ही परिणाम रहा कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय तेल टैंकरों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति जताई, जो मौजूदा संकट के समय भारत के लिए एक बड़ी राहत है.

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