अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान 11 महंगे लड़ाकू विमान गिराए गए थे. ट्रंप पहले भी इस तरह के दावे करते रहे हैं. इसे लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इन दावों और मध्यस्थता की बातों को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में रक्षा मंत्रालय ने पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी है.
'ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल करने पर काम तेज'
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने इंडिया-यूएस ट्रेड एग्रीमेंट पर कहा, 'हमने हाल ही में भारत और यूएस के बीच जॉइंट स्टेटमेंट को अपनाया है. जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, दोनों पक्ष आपसी फायदे वाले ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल करने के लिए काम कर रहे हैं. हमारी तरफ से चीफ नेगोशिएटर की लीडरशिप में एक टीम अगले हफ्ते यूएस जाने की उम्मीद है.'
ट्रंप के दावे पर क्या बोले?
जब जायसवाल से ट्रंप के हालिया बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान 11 लड़ाकू विमान गिए थे. इस पर जायसवाल ने कहा कि इस बारे में आपको रक्षा मंत्रालय से पूछना चाहिए. रक्षा मंत्रालय पहले ही अपनी स्थिति साफ कर चुका है.
'बोर्ड ऑफ़ पीस मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुआ भारत'
बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में भारत के 'ऑब्जर्वर' के तौर पर शामिल होने पर जायसवाल ने कहा, "हम वॉशिंगटन डीसी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में ऑब्ज़र्वर के तौर पर शामिल हुए थे. हमने प्रेसिडेंट ट्रंप के गाजा पीस प्लान इनिशिएटिव का भी स्वागत किया है, साथ ही UNSC के रेज़ोल्यूशन 2803 के तहत चल रही कोशिशों का भी स्वागत किया है."














