"जिहाद केवल हिंसा नहीं है यह पवित्र कर्तव्य है. जहां अन्याय हो, जिहाद होना चाहिए. जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा." बीते दिन मौलाना महमूद मदनी के दिए इस बयान ने विवाद को जन्म दे दिया. इसे लेकर लगातार सियासत तेज होती दिख रही है. मौलाना महमूद मदनी की बात करें तो वह इस समय जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हैं. वही, जमीयत उलेमा-ए-हिंद सगंठन, जो मुसलमानों को धार्मिक नेतृत्व देने, उनकी पहचान की रक्षा करने और इस्लामी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है.
चलिए आपको बताते हैं कि आखिर जमीयत उलेमा-ए-हिंद का काम क्या है? इसका प्रभाव देश के 25 करोड़ मुसलमानों पर कितना है और यह देश के दूसरे मुस्लिम संगठनों से कितना अलग है.
क्यों बना जमीयत उलेमा-ए-हिंद सगंठन?
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulema-e-Hind - JUEH) भारत में मुसलमानों का सबसे बड़ा और सबसे पुराना संगठन है. इस संगठन की स्थापना 1919 में हुई थी. यह संस्था मुसलमानों की पहचान की रक्षा करने और इस्लामी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई थी. जैसा आप जानते हैं कि संगठन के अध्यक्ष अभी मौलाना महमूद मदनी हैं.
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सदस्यों की संख्या
जमीयत उलेमा-ए-हिंद का नेटवर्क बहुत बड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार इसके पास 1 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और पूरे देश में 1700 से ज्यादा शाखाएं हैं. संगठन का प्रभाव भारत के लगभग 25 करोड़ मुसलमानों के धार्मिक और सामाजिक जीवन पर काफी गहरा है. यह संस्था आम तौर पर चंदे और सदस्यता शुल्क पर चलती है.
संगठन के सदस्य
संगठन पर पिछले तीन पीढ़ियों से मदनी परिवार का दबदबा रहा है. मौलाना हुसैन मदनी 1940 में अध्यक्ष बने थे, और उनके बाद उनके परिवार के सदस्य ही इसकी कमान संभालते रहे हैं. 2008 में परिवार के आपसी विवाद की वजह से संगठन दो गुटों में बंट गया था.
दूसरे मुस्लिम संगठनों से कितना अलग?
- आजादी से पहले, जब मुस्लिम लीग ने दूसरे राष्ट्र (पाकिस्तान) की मांग की, तो जमीयत ने उसका विरोध किया. जमीयत के नेता मौलाना हुसैन अहमद मदनी ने कहा था कि इस्लाम भारत के लिए नया नहीं है और यहां सभी धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि) के लोगों को मिलकर एक सेक्युलर सरकार बनानी चाहिए. यानी यह संगठन टू नेशनल थ्योरी के खिलाफ था.
- इसके अलावा जमीयत ने 2001 में एक प्रस्ताव पास किया कि आतंकवाद जिहाद नहीं, बल्कि फसाद है. वहीं, 2008 में इसने आतंकवाद के खिलाफ फतवा भी जारी किया.














