पुलिस के हत्थे चढ़ा कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड, विदेश भागने की थी तैयारी

एसआईटी जांच में जनपद भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ, जिनमें से ज्यादातर फर्में अस्तित्व में थी ही नहीं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

कफ सीरप मामले में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. कफ सीरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है. सोनभद्र पुलिस, एसआईटी और एसओजी टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया. भोला प्रसाद ड्रग माफिया शुभम जायसवाल का पिता है.

पुलिस ने बिछाया जाल

टीम ने कोलकाता से कफ सीरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह विदेश भागने की तैयारी में था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कोलकाता में ट्रांजिट रिमांड की डिमांड की है, जिसके लिए आरोपी को सोनभद्र लाया जाएगा.

क्या है कफ सीरप तस्करी का मामला

18 अक्टूबर 2025 को जनपद सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से कुल 1,19,675 कफ सीरप की शीशियां बरामद की गई थीं. इसके अलावा आरोपी बृज मोहन और शिवहरि की सूचना के आधार पर सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद में चार ट्रकों से भारी मात्रा में कफ सीरप के साथ 20 लाख रुपए फंडिंग की नकदी बरामद की थी. जांच में पता चला था कि  भोला प्रसाद जायसवाल बड़े पैमाने पर कफ सीरप की नकली बिलिंग कर अलग-अलग जनपदों में अवैध सप्लाई कर रहा था. 

फर्जी फर्में बनाकर की तस्करी

एसआईटी जांच में जनपद भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ, जिनमें से ज्यादातर फर्में अस्तित्व में थी ही नहीं. इससे जुड़े खातों को पुलिस ने फ्रीज कर दिया था. आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल कई जनपदों की मोस्ट वांटेड लिंस्ट में शामिल था.