माणिक साहा होंगे त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला

त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 33 सीट जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की है.

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डॉक्‍टर माणिक साहा दूसरी बार त्रिपुरा के सीएम पद की कमान संभालेंगे
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  • 15 मई 2022 को बिप्‍लब देब की जगह राज्‍य के सीएम बने थे
  • शपथ ग्रहण समारोह 8 मार्च को आयोजित होगा
  • पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी रहेंगे मौजूद
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माणिक साहा त्रिपुरा के सीएम पद की शपथ लेंगे. वे दूसरी बार राज्‍य के सीएम पद की कमान संभालेंगे. त्रिपुरा बीजेपी विधायक दल की बैठक सोमवार शाम को संपन्‍न हुई जिसमें साहा को नेता चुना गया. मुख्‍यमंत्री और नवगठित मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार, 8 मार्च को होगा. इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा भी उपस्थित रहेंगे. गौरतलब है कि मई 2022 में डॉक्‍टर माणिक साहा को तत्कालीन सीएम बिप्लब कुमार देब के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही पार्टी ने अगला मुख्यमंत्री घोषित किया था. साहा ने 15 मई 2022 को राज्‍य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.राज्‍य की बारदोवली सीट से चुनाच जीते 70 साल के माणिक साहा ने पार्टी के प्रदर्शन को अपेक्षा के अनुरूप बताया है. उन्‍होंने कहा, "बीजेपी का यह प्रदर्शन अपेक्षित था...हम बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे थे. हमारी जिम्‍मेदारी अब बढ़ गई है. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिखाई राह पर हम आगे बढ़ेंगे."

2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे

बता दें, माणिक साहा वर्ष 2016 में बीजेपी में शामिल हुए थे. इससे पहले वे कांग्रेस में थे. बीजेपी से जुड़ने के बाद उन्हें बूथ प्रबंधन समिति और राज्य स्तरीय सदस्यता अभियान के प्रभारी का जिम्मा सौंपा गया था. साहा को मुख्यमंत्री बनने से एक माह पहले ही राज्यसभा सांसद चुना गया था. मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी. साल 2020 में उन्हें त्रिपुरा में पार्टी प्रमुख बनाया गया था. 

त्रिपुरा में बीजेपी गठबंधन को मिली हैं 33 सीट

त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 33 सीट जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की है. पूर्ववर्ती राजघराने के वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मा द्वारा गठित टिपरा मोथा पार्टी को 13 सीट मिलीं हैं, जबकि वाम-कांग्रेस गठबंधन ने 14 सीट हासिल की हैं. देबबर्मा की पार्टी ने जनजातीय क्षेत्र में वाम दल के वोट में सेंध लगाई. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का राज्‍य में बेहद खराब प्रदर्शन रहा. टीएमसी ने 28 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन उसे कहीं भी सफलता नहीं मिली.

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