चिलचिलाती धूप में कुत्ते को बांधने की कोर्ट ने दी ऐसी सजा, ताउम्र याद रखेगा मालिक

Faridabad News: अदालत ने गुरुवार को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उन पर पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत 50 रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 429 के तहत 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया. यह केस सिर्फ दीपक के लिए ही नहीं बल्कि अन्य पेट रखने वालों के लिए भी एक सबक है.

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कोर्ट ने दी कुत्ते से बदसलूकी की सजा. (AI फोटो)
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  • फरीदाबाद के सेक्टर 82 में दीपक शर्मा पर अपने कुत्ते को चिलचिलाती धूप में बांधने का आरोप लगा था
  • मामला बीपीटीपी पुलिस स्टेशन में दर्ज होकर पशु कल्याण यूनिट की वृंदा शर्मा की शिकायत पर शुरू हुआ था
  • अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 429 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया
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कुत्ता इंसान का सबसे प्यारा और वफादार दोस्त माना जाता है. यही उम्मीद इंसानों से भी की जाती है कि वह अपने पेट के साथ दोस्ताना और मानवीय व्यवहार करें. लेकिन आजकल पालतू जानवरों संग दुर्व्यवहार के कई मामले सामने आते हैं. ताजा मामला दिल्ली से सटे फरीदाबाद का है. यहां कोर्ट ने कुत्ते को धूप में बांधने की मालिक को ऐसी सजा दी, जिसे वह ताउम्र याद रखेगा. जुर्माने की रकम भले ही बड़ी न हो लेकन सबक जरूर बड़ा है. 

कुत्ते को चिलचिलाती धूप में बालकनी में बांधा

मामला फरीदाबाद के सेक्टर 82 स्थित पुरी प्राणायाम सोसाइटी का है. पुलिस के मुताबिक, 20 जून, 2024 को बीपीटीपी पुलिस स्टेशन ने पशु कल्याण यूनिट की वृंदा शर्मा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था. दीपक शर्मा नाम के शख्स पर उनके  कुत्ते को चिलचिलाती धूप में बालकनी में बांधने का आरोप लगाया गया था. इस बात की सूचना मिलने पर टीम ने पुलिस की मदद से कुत्ते को बचाया. पुलिस ने मुताबिक, कुत्ता मालिक पर पशु कल्याण टीम के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगा था.

पशु क्रूरता अधिनियम के तहत हुआ केस दर्ज

जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. शुरू में मामला पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत दर्ज किया गया था. अदालत ने बाद में भारतीय दंड संहिता की धारा 429 को भी जोड़ दिया, जिसमें 50 रुपये से ज्यादा कीमत के जानवर को नुकसान पहुंचाने पर 1,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.

ये मामला 22 जनवरी, 2025 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए पहुंचा. 15 महीने तक मामले की सुनवाई चली. छह हियरिंग में आरोपी दीपक शर्मा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. अदालत ने उसे दोषी पाया.

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कोर्ट ने लगाया 1,000 रुपये का जुर्माना

अदालत ने गुरुवार को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उन पर पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत 50 रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 429 के तहत 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया. यह केस सिर्फ दीपक के लिए ही नहीं बल्कि अन्य पेट रखने वालों के लिए भी एक सबक है. जिस जानवर को आप अपने घर में रखते हैं उसके साथ क्रूर व्यवहार करना क्या उचित है. सिर्फ घर ही नहीं सड़क पर रहने वाले जानवर के साथ भी क्रूरता करने का अधिकार किसी को नहीं है.

इनपुट- पीटीआई

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