मुंबई अंडरवर्ल्ड के साथ लिंक बताकर शख्स को दिया झांसा, डिजिटल अरेस्ट कर के 56 लाख रुपये ठगे

देबराज का कहना है कि 11 फरवरी को दोपहर के वक्त उनके पास एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को कुरियर कंपनी की मुंबई ब्रांच का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके द्वारा विदेश भेजा जा रहा एक पार्सल कस्टम डिपार्टमेंट ने पकड़ लिया है. 

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डीसीपी और सीबीआई अधिकारी बन ठगों ने 56 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की.
नई दिल्ली:

मुंबई अंडरवर्ल्ड से लिंक बताकर गुड़गांव के रहनेवाले एक शख्स को ठगों ने ठग लिया है. ठगों ने खुद को सीबीआई और मुंबई पुलिस का डीसीपी बनाकर इस ठगी को अंजाम दिया. इस दौरान उन्होंने 20 घंटों तक स्काइप वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट में भी रखा और उससे 56 लाख 70 हजार रुपये ठग लिए. शख्स ने साइबर क्राइम थाना ईस्ट में मामले की एफआईआर दर्ज की है. पुलिस को ये शिकायत सेक्टर 51 में रहने वाले देबराज ने की है. देबराज का कहना है कि 11 फरवरी को दोपहर के वक्त उनके पास एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को कुरियर कंपनी की मुंबई ब्रांच का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके द्वारा विदेश भेजा जा रहा एक पार्सल कस्टम डिपार्टमेंट ने पकड़ लिया है. 

कर्मचारी ने कहा कि इसमें पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड, लैपटॉप और अवैध पदार्थ बरामद किए हैं. ये पार्सल आपके नाम पर आधार कार्ड की आईडी देकर बुक किया गया है. इसके बाद उसने कहा कि वो मुंबई पुलिस को कॉल ट्रांसफर कर रहे हैं. फिर किसी ने मुंबई पुलिसकर्मी बनकर देबराज से बात की और आधार कार्ड की डिटेल और फोटो मांगी. इसके बाद ठगों ने कहा कि मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े धन शोधन मामले के तहत इस आधार नंबर का लिंक मिला है और जांच शुरू की. 

घरवालों को भी 24 घंटों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा

बाद में स्काइप वीडियो कॉल करके पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने देबराज से बात की. एक ने खुद को मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम विंग का डीसीपी भी बताया और किसी ने देबराज से सीबीआई अधिकारी बनकर बात की. इस दौरान शिकायतकर्ता को कम से कम 24 घंटों तक वीडियो कॉल निगरानी पर भी रखा गया. इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को भी डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया.

ठगे 56 लाख 70 हजार रुपये

बाद में ठगों ने उनके बैंक खातों की डिटेल ली, एफडी तुड़वाई गई, स्टॉक और म्यूचुअल फंड में निवेश की गई राशि भी निकलवाई गई. जिसके बाद जांच चलने तक एक खाते में रुपये ट्रांसफर करने की बात कहकर सारा पैसा ट्रांसफर कराया गया. ठगों द्वारा कहा गया कि जांच के बाद इस रकम को वापस कर दिया जाएगा. ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोपियों को डीसीपी और सीबाआई अधिकारी समझकर 56 लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए.

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