- लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर फेज-1बी यूपी कैबिनेट की बैठक में आज मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा
- फेज-1बी कॉरिडोर की लंबाई 11 किलोमीटर होगी, जिसमें बारह स्टेशनों में से 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड होंगे
- यह नया मेट्रो रूट पुराने और नए लखनऊ को जोड़कर ट्रैफिक जाम कम करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगा
Lucknow Metro Latest Update: लखनऊ मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के बाद नए मेट्रो रूट का आज ऐलान होने जा रहा है. लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर यानी का फेज-1B को आज यूपी की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल सकती है. ये पुराने लखनऊ के इलाकों में कनेक्टिविटी और ट्रैफिक के लिहाज से से गेमचेंजर साबित होगी. लखनऊ मेट्रो कॉरिडोर फेज-1बी की लंबाई करीब 11.16 किलोमीटर होगी. इसमें स्टेशनों की संख्या 12 होगी, जिसमें 7 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड होंगे.ये पुराने और नए लखनऊ के बीच मेट्रो लिंक का काम करेगी और पुराने लखनऊ के ट्रैफिक जाम से यात्रियों को मुक्ति मिलेगी.
नया और पुराना लखनऊ कनेक्ट होगा
पुराने लखनऊ की घनी आबादी को देखते हुए इसका 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा अंडरग्राउंड यानी भूमिगत मेट्रो का होगा, ताकि ऐतिहासिक इमारतों और सघन आबादी वाले इलाकों को नुकसान न पहुंचे. चारबाग स्टेशन से मेट्रो पुराने लखनऊ के बाजारों से होते हुए वसंत कुंज पहुंचेगी. चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग (बांसमंडी), अमीनाबाद, पांडेयगंज, लखनऊ सिटी रेलवे स्टेशन, केजीएमयू मेडिकल कॉलेज चौराहा से नवाजुद्दीन हैदर रोड, ठाकुर गंज, बाला गंज, सरफराजगंज, मूसाबाग से वसंतकुज इसके स्टेशन होंगे. इसमें हैदर रोड तक के पहले सात मेट्रो स्टेशन भूमिगत होंगे.
Lucknow Metro East West Corridor Route map
चारबाग मेट्रो स्टेशन से केजीएमयू, बलरामपुर हॉस्पिटल तक फायदा
ये मेट्रो कॉरिडोर पुराने और नये लखनऊ को जोड़ेगा, क्यों कि यह कॉरिडोर चारबाग रेलवे स्टेशन को सीधे हरदोई रोड पर बस रहे नए रिहायशी इलाके वसंत कुंज से कनेक्ट करेगा. अमीनाबाद, चौक, मेडिकल कॉलेज और ठाकुरगंज लखनऊ के वो इलाके हैं, जहां सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम रहता है. मेट्रो शुरू होने से इन सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बेहद कम होगा. ये मेट्रो रूट किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), बलरामपुर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को सीधे कनेक्ट करेगा, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी.
दिल्ली के राजीव चौक जैसे इंटरचेंज बनेगा चारबाग
चारबाग स्टेशन अभी लखनऊ के नॉर्थ-साउथ मेट्रो कॉरिडोर (मुंशीपुलिया से चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट) और इस नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का इंटरचेंज हब होगा. यात्री बिना स्टेशन से बाहर निकले केवल प्लेटफॉर्म बदलकर दूसरी लाइन की मेट्रो पकड़ सकेंगे.
लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर
लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (LMRC/UPMRC) ने इस मेट्रो रूट की संशोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की थी. पहले यह रूट थोड़ा अलग था, लेकिन आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए इसमें बदलाव कर स्टेशनों को री एलाइन किया गया
लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को यूपी कैबिनेट की मंजूरी आज
उत्तर प्रदेश कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद प्रोजेक्ट की फाइल केंद्र सरकार (शहरी आवास विकास मंत्रालय) की मंजूरी को जाएगा. पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) से भी स्वीकृति मिलेगी. विदेशी फंडिंग एजेंसी जैसे यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से वित्तीय निवेश पर बात हो रही है. ताकि सिविल कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से हो सके.उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम (UPMRC) के MD सुशील कुमार ने कहा कि लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के प्री सिविल कंस्ट्रक्शन कार्यों में तेजी से लाई गई है. बिजली के खंबे, तार और अन्य अड़चनों को दूर किया जा रहा. ये लखनऊ के ट्रैफिक मैनेजमेंट को और बेहतर बनाएगा.
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लखनऊ मेट्रो का 2047 तक विस्तार का प्लान
- इंदिरानगर से अनौराकला: 9.27 किमी
- अनौराकला से बाराबंकी :14 किमी
- राजाजीपुरम से आईआईएम :18.42 किमी
- मुंशीपुलिया से जानकीपुरम :6.29 किमी
- इंदिरानगर से सीजी सिटी : 7.7 किमी
- चारबाग से कल्ली पश्चिम : 13 किमी
- सीजी सिटी से एयरपोर्ट : 19.08 किमी
- कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज : 6 किमी
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लखनऊ में आर्बिटल नेटवर्क
लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी जैसे 6 जिलों को मिलाकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आर्बिटल रेल नेटवर्क भी बना रही है. ये रिंग रोड की तरह लखनऊ के आसपास के जिलों को जोड़ने वाले लोकल रेल नेटवर्क होगा. ये 170 किलोमीटर लंबा आर्बिटल रेल कारिडोर होगा. केंद्र सरकार ने 7500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसमें पिपरसंड, अमौसी, आलमनगर, ट्रांसपोर्टनगर, उतरेटिया, मोहनलालगंज, अनूपगंज, मलिहाबाद, इटौंजा सहित कई रेलवे स्टेशनों को जोड़ा जाएगा. वर्ष 2031 में ये प्रोजेक्ट पूरा होगा. गोमतीनगर, बादशाहनगर, डालीगंज, ऐशबाग के साथ-साथ मानकनगर, दिलकुशा, उतरेटिया के बीच भी ऐसी सर्कुलर रेल चलाने का भी रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है।













