लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे देश के नए सेना प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त किया है.

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लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ
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  • केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना के अगले प्रमुख के रूप में नियुक्त किया है.
  • लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे.
  • धीरज सेठ का भारतीय सेना प्रमुख के रूप में कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक निर्धारित किया गया है.

भारतीय सेना के नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना के अगले प्रमुख के रूप में नियुक्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. रक्षा क्षेत्र में एक लंबा और शानदार अनुभव रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सेठ 30 जून से अपना नया कार्यभार ग्रहण करेंगे.

धीरज सेठ का कार्यकाल 31 अगस्त, 2028 तक होगा

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. वह जनरल के स्थायी रैंक के साथ 30 जून, 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे. बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नए सेना प्रमुख के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का कार्यकाल 31 अगस्त, 2028 तक होगा.

जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल जून 2026 तक निर्धारित है. उन्होंने 30 जून 2024 को भारतीय सेना के प्रमुख (आर्मी चीफ) के रूप में पदभार संभाला था. नियमों के अनुसार, आर्मी चीफ का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु- इन दोनों में से जो भी पहले पूरा हो, तक ही सीमित होता है.

धीरज सेठ के बारे में

धीरज सेठ पुणे स्थित खड़कवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं. दिसंबर 1986 में उन्हें बख्तरबंद कोर में कमीशन मिला था. उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में बख्तरबंद रेजिमेंट, विकसित क्षेत्र में बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी बल की कमान संभाली है. लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद, उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली और बाद में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अभियानों की देखरेख की.

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जनरल ऑफिसर ने अर्ध-विकसित भू-भाग में एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली है. साथ ही दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी सेवाएं दी हैं. उन्होंने स्ट्राइक कोर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और उत्तरी कमान में एक पिवट कोर की कमान संभाली है. उनके संचालन संबंधी अनुभव में ऑपरेशन पवन में भागीदारी, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा और नियंत्रण रेखा और उत्तर-पूर्व में अत्‍यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई कार्यकाल शामिल हैं. वे महार रेजिमेंट के कर्नल भी रहे हैं.

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