लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बड़ा फैसला, अविश्वास प्रस्ताव पर फैसले तक सदन में नहीं जाएंगे

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने बार-बार उन्हें सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का अवसर नहीं दिया. विपक्ष का कहना है कि इसी कारण उन्हें अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का कदम उठाना पड़ा. अब सभी की नजरें 9 मार्च पर टिकी हैं.

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला.
नई दिल्ली:

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और निर्णय होने तक सदन की कार्यवाही में शामिल न होने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर 9 मार्च को विचार किया जा सकता है, जो बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन होगा. इसी दिन सदन में अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने का निर्णय लिया जा सकता है. गौरतलब है कि विपक्षी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदन की कार्यवाही का संचालन निष्पक्ष तरीके से नहीं कर रहे हैं और सत्तापक्ष के पक्ष में झुकाव दिखा रहे हैं. हालांकि, लोकसभा में संख्या बल को देखते हुए इस अविश्वास प्रस्ताव को राजनीतिक तौर पर अधिकतर प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि इसके पारित होने की संभावना बेहद कम है.

मंगलवार को विपक्षी दलों ने संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा था. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि यह नोटिस दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 94सी के अंतर्गत औपचारिक रूप से जमा किया गया.

कांग्रेस के अनुसार, इस प्रस्ताव पर कुल 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं. कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) समेत कई विपक्षी दलों ने इसका समर्थन किया है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने अब तक इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने बार-बार उन्हें सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का अवसर नहीं दिया. विपक्ष का कहना है कि इसी कारण उन्हें अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का कदम उठाना पड़ा. अब सभी की नजरें 9 मार्च पर टिकी हैं, जब बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है.

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