न लोकेशन, न कॉलिंग... लॉरेंस विश्नोई गैंग का नया प्लान, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करने वाले 4 दिन बाद भी फरार

Rohit Shetty house Firing Case: रोहित शेट्टी फायरिंग केस के शूटर्स अभी तक पकड़ में नहीं आ सके हैं. लॉरेंस विश्नोई गैंग के शूटर्स ने इस बार नई रणनीति अख्तियार की है. इससे वो हत्थे नहीं चढ़े हैं.

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Lawrence Bishnoi gang shooters
मुंबई:

बॉलीवुड के नामचीन निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिश्नोई गैंग ने अपनी पुरानी कार्यप्रणाली (मोडस ऑपरेंडी) में अहम बदलाव किया था, जिसका सीधा असर जांच पर पड़ रहा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार वारदात से पहले शुभम लोनकर ने शूटर को सख्त हिदायत दी थी कि वह अपना मोबाइल फोन पूरी तरह बंद रखे. यही वजह रही कि फायरिंग के वक्त ही नहीं, बल्कि घटना के बाद भी शूटर ने मोबाइल ऑन नहीं किया. इसका नतीजा यह हुआ कि क्राइम ब्रांच सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसकी पहचान तो कर पाई, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद अब तक उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल बंद होने की वजह से तकनीकी निगरानी लगभग बेअसर हो गई है, जिससे शूटर तक पहुंचना बड़ी चुनौती बना हुआ है.

जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी शूटर मुंबई छोड़कर किसी दूसरे राज्य में फरार हो चुका है. उसे पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर तैनात की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है.

इससे पहले सलमान खान के घर पर फायरिंग और बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामलों में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर डंप और कॉल डिटेल्स के जरिए ही आरोपियों को ट्रेस किया था. उन दोनों मामलों में आरोपी वारदात से पहले और बाद में लगातार अपने हैंडलरों के संपर्क में थे और यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई. इसी चूक से सबक लेते हुए शुभम लोनकर ने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने वाले शूटर को मोबाइल इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया था.

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स्कूटी नंबर से पहचान

हालांकि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी के नंबर के आधार पर लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले आरोपियों तक तो तेजी से पहुंच बना ली, लेकिन मुख्य शूटर अब भी कानून की पकड़ से बाहर है. सूत्रों के मुताबिक, इस केस में पुणे से गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी वही लोग हैं, जो बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के कथित ‘प्लान-बी' में शामिल आरोपियों गौरव अपुने, आदित्य गुडनकर और रफीक शेख के करीबी माने जाते हैं.

क्राइम ब्रांच कड़ियां जोड़ने में जुटीं

जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी आरोपी शुभम लोनकर को बचपन से जानते थे, क्योंकि वह भी पुणे के कर्वेनगर इलाके का ही रहने वाला है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि लोनकर ने ही इन लोगों को तैयार किया था और इनमें से समर्थ पोमाजी लगातार उसके संपर्क में था.फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और मुख्य शूटर की तलाश तेज कर दी गई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
 

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