जब चाहें तब ड्यूटी पर लौट सकती हैं... छात्रा का हिजाब हटाने वाली महिला प्रोफेसर को राहत

कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में पिछले साल हिजाब विवाद सामने आया था. एक महिला प्रोफेसर ने छात्रा से हिजाब हटाने को कहा था. इस मामले में महिला प्रोफेसर को बड़ी राहत मिल गई है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी ने महिला प्रोफेसर सरस्वती हल्दर को ड्यूटी जॉइन करने का आदेश दिया है
  • सरस्वती हल्दर ने एक छात्रा से हेडफोन जांच के लिए दूसरी छात्रा का हिजाब हटाने को कहा था
  • विवाद के बाद यूनिवर्सिटी ने जांच के लिए समिति बनाई थी जिसने प्रोफेसर को ड्यूटी से मुक्त करने की सिफारिश की थी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कोलकाता:

कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में एक छात्रा का हिजाब हटाने वाली महिला प्रोफेसर को राहत मिल गई है. इस मामले में यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने महिला प्रोफेसर को ड्यूटी जॉइन करने को कह दिया है. इससे पहले इस विवाद की जांच कर रही समिति ने महिला प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से मुक्त करने का सुझाव दिया था. हिजाब हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ था. छात्रा ने इसे भेदभाव बताया था.

हिजाब को लेकर ये विवाद 22 दिसंबर को तब शुरू हुआ था, जब महिला प्रोफेसर सरस्वती हल्दर ने थर्ड ईयर की एक छात्रा को अपना हिजाब हटाने को कहा था. सरस्वती हल्दर ने छात्रा को हेडफोन जांच के लिए टोका था और फिर दूसरी छात्रा से उसका हिजाब हटाने को कहा था. 

सरस्वती हल्दर यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग की HOD भी हैं. 22 दिसंबर को यूनिवर्सिटी के एक समारोह में जांच के दौरान उन्होंने एक छात्रा से दूसरी छात्रा का हिजाब थोड़ा सा हटाने को कहा था, ताकि वो चेक कर सकें कि उसने हेडफोन लगाया है या नहीं. 

ये पूरा विवाद सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने एक कमेटी का गठन किया था. इस समिति ने कुछ हफ्तों पहले सुझाव दिया था कि जब तक इस पूरे मामले की जांच नहीं हो जाती, तब तक सरस्वती हल्दर को ड्यूटी पर नहीं आना चाहिए. जांच कमेटी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से महिला प्रोफेसर सरस्वती हल्दर को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से मुक्त करने की सिफारिश की थी. जांच कमेटी 29 जनवरी को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है.

हालांकि, अब सरस्वती हल्दर को बड़ी राहत मिल गई है. यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने उन्हें ड्यूटी जॉइन करने को कह दिया है. कार्यकारी परिषद ही फैसले लेने की सर्वोच्च संस्था है. कार्यकारी परिषद ने कहा है कि सरस्वती हल्दर जब चाहें तब ड्यूटी पर लौट सकती हैं. परिषद ने अपने फैसले में कहा कि सरस्वती हल्दर जब चाहें या फिर अपनी छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी जॉइन कर सकती हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Retired Gen. Naravane की किताब पर हुए विवाद को लेकर Delhi Police ने Penguin India को भेजा नोटिस