- केरलम में कांग्रेस अगले मुख्यमंत्री का एलान मंगलवार शाम तक कर सकती है, नए सीएम 15 मई को शपथ ले सकते हैं.
- कांग्रेस के 63 विधायकों में से 47 ने केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया है.
- वीडी सतीशन को मुस्लिम लीग का समर्थन प्राप्त है, लेकिन उनके पास सरकार में कोई अनुभव नहीं है.
कांग्रेस केरलम के अगले मुख्यमंत्री का एलान मंगलवार देर शाम तक कर सकती है. नए सीएम 15 मई को शपथ ले सकते हैं. फैसले के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार शाम तक तक बेंगलुरु से दिल्ली वापस लौटेंगे. इससे पहले दिन में राहुल गांधी केरल कांग्रेस के आधा दर्जन वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर विधायकों की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल ही सीएम की रेस में आगे चल रहे हैं. हालांकि वीडी सतीशन भी मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अड़े हुए हैं. दोनों के पेंच में वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला भी किस्मत आजमा रहे हैं.
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एलान से पहले राहुल करेंगे मंथन
एलान से पहले व्यापक चर्चा के लिए राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में केरलम प्रदेश कांग्रेस के कुछ पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्षों को आमंत्रित किया है. इससे पहले, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे सीएम पद के तीनों दावेदारों के साथ बैठक कर चुके हैं. पर्यवेक्षक के तौर पर कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन और महासचिव मुकुल वासनिक केरलम कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायकों के बीच रायशुमारी कर चुके हैं.
कांग्रेस के 63 में से 47 विधायक वेणुगोपाल के पक्ष में
सूत्रों के मुताबिक, बीते गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में पर्यवेक्षकों के साथ बैठक में कांग्रेस के 63 विधायकों में से 47 ने मुख्यमंत्री पद के लिए केसी वेणुगोपाल को पहली पसंद बताया है. वहीं 10 विधायकों ने अपनी राय जाहिर किए बिना कहा कि उन्हें पार्टी आलाकमान द्वारा तय कोई भी नाम मंजूर होगा. केसी वेणुगोपाल पहली पसंद बताने वाले कुछ विधायकों ने रमेश चेन्नीथला को अपनी दूसरी पसंद बताया. वहीं वीडी सतीशन का नाम करीब 5 विधायकों ने लिया. जाहिर है विधायक दल में दो तिहाई से ज्यादा विधायकों के समर्थन की वजह से केसी वेणुगोपाल के सीएम बनाए जाने की प्रबल संभावना है.
सतीशन को मुस्लिम लीग का समर्थन
हालांकि कांग्रेस की सहयोगी मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) वीडी सतीशन को सीएम बनाने की मांग कर रही है. आम लोगों में भी सतीशन की काफी लोकप्रियता है. उनके पक्ष में सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर पर मुहिम चलाई जा रही है. इस प्रेशर पॉलिटिक्स के कारण कांग्रेस आलाकमान के लिए केरलम का फैसला मुश्किल हो गया है.
सतीशन को कमान सौंपने से कांग्रेस क्यों बच रही है?
हालांकि सूत्रों के मुताबिक ये बातें सतीशन के खिलाफ जाती नजर आ रही हैं. शनिवार को सीएम पद के तीनों दावेदारों के साथ बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सबसे गुटबाजी और शक्ति प्रदर्शन बंद करने को कहा था. यह संदेश असल में वीडी सतीशन के लिए था. कांग्रेस में एक वर्ग को लगता है कि बिना विधायकों के समर्थन के ही सतीशन पार्टी को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं. उनकी पैरवी कर रही मुस्लिम लीग की पसंद के मुताबिक, सीएम तय करने से करने से बीजेपी को केरलम में सियासत का बड़ा मुद्दा हाथ लग जाएगा. इसके अलावा सतीशन के पास सरकार में किसी भी पद का अनुभव नहीं है.
वेणुगोपाल के सामने चुनौतियां
दूसरी तरफ वेणुगोपाल केरल सरकार में मंत्री से लेकर केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं. ऐसे में लोकसभा सांसद वेणुगोपाल को सीएम बनाया गया तो छह महीने के अंदर केरलम में विधानसभा और लोकसभा की एक-एक सीट पर उपचुनाव होंगे. वेणुगोपाल की जगह कांग्रेस को नया संगठन महासचिव भी नियुक्त करना होगा. अगर सतीशन उनकी सरकार में शामिल होने के लिए तैयार नहीं होते तो वेणुगोपाल के लिए चुनौतियां काफी बढ़ जाएंगी. इसलिए सतीशन को मनाने और आम सहमति बनाने की कोशिश जारी है.
वेणुगोपाल बनाम सतीशन, क्या लगेगी चेन्नीथला की लॉटरी?
ऐसे में वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला का दांव लग सकता है. उनके पास सरकार और संगठन दोनों का व्यापक अनुभव के साथ-साथ विधायक दल में भी सतीशन के मुकाबले ज्यादा समर्थन प्राप्त है. देखना दिलचस्प होगा कि क्या वेणुगोपाल उनके लिए सीएम पद की कुर्बानी देने को तैयार होते हैं?
फैसला राहुल गांधी को करना है. सब ठीक रहा तो 15 मई को केरलम में दस सालों के बाद कांग्रेस का मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है. बीते सोमवार आए विधानसभा चुनाव नतीजों में केरलम की कुल 140 सीटों की में से कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ गठबंधन को 102 सीटें मिली थीं.














