- सरकार ने घरेलू हवाई किरायों पर लगाई गई अस्थायी सीमा को 23 मार्च से पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया है
- AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए किराए बढ़ने की आशंका जताई है
- अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस कदम से मिडिल क्लास के लिए हवाई यात्रा महंगी और पहुंच से बाहर हो सकती है
सरकार ने घरेलू हवाई किरायों पर लगाई गई अस्थायी सीमा को 23 मार्च से हटाने का फैसला किया है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से घरेलू हवाई यात्रा किराए पर लगी सीमा को हटाने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने तय सीमा को हटाने की वजह से हवाई यात्रा पर लागत बढ़ने की संभावना जताई है. अरविंद केजरीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम से मिडिल क्लास के लिए हवाई यात्रा पहुंच से बाहर हो सकती है. 23 मार्च से लागू हो रहे इस फैसले के बाद हवाई किराए में भारी उछाल आने की आशंका है.
फ्लाइट टिकट हो सकते हैं महंगे
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि हवाई यात्रा का किराया मिडिल क्लास की पहुंच से बाहर होता जा रहा है. सरकार हवाई किराए पर लगी सीमा को हटा रही है. इस फैसले से टिकटों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हवाई किराए पर लगी सीमा को हटाने के बजाय हवाई किराए को अधिक प्रभावी ढंग से इसे नियंत्रित करने पर काम करना चाहिए. हवाई यात्रा अब कोई विलासिता नहीं रह गई है, बल्कि मिडिल क्लास के लिए एक जरूरत बन गई है.
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कल से हट जाएगी किराए पर लगी सीमा
सरकार ने घरेलू हवाई किरायों पर लगाई गई अस्थायी सीमा को 23 मार्च से हटाने का फैसला किया है. पिछले साल दिसंबर में इंडिगो की उड़ानों में आई बाधाओं के मद्देनजर इस सीमा को लगाया गया था. नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, हवाई किराए पर लगी सीमा को 23 मार्च से हटा दिया जाएगा. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण विभिन्न एयरलाइन को अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर परिचालन संबंधी महत्वपूर्ण बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है.
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हवाई किराए पर रहेगी नजर
इस आदेश में मंत्रालय ने यह भी कहा कि एयरलाइन को मूल्य निर्धारण में अनुशासन बनाए रखना और जिम्मेदारी से काम करना आवश्यक है. इसमें कहा गया है, ‘‘एयरलाइन यह सुनिश्चित करेंगी कि किराया उचित, पारदर्शी और बाजार की स्थितियों के अनुरूप बना रहे और यात्रियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.'' मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि किराए में अत्यधिक या अनुचित वृद्धि के किसी भी मामले और व्यवधान को गंभीरता से लिया जाएगा. मंत्रालय वास्तविक समय के आधार पर हवाई किराए की निगरानी कर रहा है.














