प्रेम टॉक्सिक नहीं होना चाहिए, भले ही भाषा से क्यों न हो... हिंदी विवाद पर कमल हासन का बड़ा बयान

हाल ही में बीजेपी पर हिंदी थोपने का आरोप लगाने वाले कमल हासन ने NDTV के तमिलनाडु समिट के दौरान कहा कि भाषा किसी के ऊपर थोपी नहीं जानी चाहिए, कौन सी भाषा चुननी है, ये जनता पर छोड़ देना चाहिए.

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मशहूर अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने हिंदी विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी है. NDTV के तमिलनाडु समिट के दौरान कमल हासन ने कहा कि किसी भी चीज के प्रति प्रेम चाहे वो भाषा ही क्यों न हो, दूसरे के प्रति नफरत में नहीं बदलना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाषा किसी के ऊपर थोपी नहीं जानी चाहिए और कौन सी भाषा चुननी है, ये जनता पर छोड़ देना चाहिए. उनका ये बयान इस लिहाज से अहम है क्योंकि कमल हासन ने पिछले हफ्ते बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर विभाजनकारी राजनीति करने, तमिल भाषा की अनदेखी करके हिंदी थोपने का आरोप लगाया था. 

'भाषा को दूसरों पर थोपना नहीं चाहिए'

कमल हासन ने भाषा प्रेम और राजनीतिक विचारधारा के सवाल पर कहा कि भाषा उनके लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है. उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह मां-बाप या पत्नी के प्रति प्रेम एकतरफा नहीं होता, वैसे ही भाषा का संबंध भी आपसी होना चाहिए. हासन ने कहा कि मुझे अपनी भाषा से प्यार है. लेकिन अपनी भाषा से प्यार करने के लिए मुझे दूसरी भाषा से नफरत करने की जरूरत नहीं है. अगर मैं चाहता हूं कि कोई मेरी भाषा से प्यार करें, तो मैं उसकी भाषा से प्यार कर सकता हूं, लेकिन इसे मुझ पर थोपे नहीं.

एक्टर ने भाषा को एक कम्युनिकेशन डिवाइस बताते हुए कहा कि उनके लिए भाषा उनकी भावना और अभिव्यक्ति का हिस्सा है. उनसे पूछा गया कि क्या भाषा को जबरन लागू करने या किसी खास राजनीतिक नरेटिव को हवा देने का माहौल है? जोर दिए जाने पर हासन ने कहा कि प्यार टॉक्सिक नहीं होना चाहिए. चाहे भाषाओं का मिलन हो या शादी, यह टॉक्सिक नहीं होना चाहिए और इसमें चुनने की आजादी होनी चाहिए. ये आपसी होना चाहिए. 

कैसे सीखी हिंदी, खुद बताया 

अपना निजी अनुभव साझा करते हुए 71 वर्षीय एक्टर कमल हासन ने बताया कि उन्होंने 27 साल की उम्र में हिंदी सीखी थी, लेकिन ऐसा करने के लिए उनके ऊपर किसी ने दबाव नहीं डाला था. उस वक्त मुझे हिंदी का एक शब्द भी नहीं आता था. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्होंने शुरू में दोस्तों से हिंदी की गालियां सीखी थीं. हिंदीभाषी लोग भी इसी तरह तमिल सीखते हैं. बाद में भाषा की गहराई में उतर जाते हैं. मैंने भी ऐसे ही सीखा था.

बताया, किन 6 भाषाओं का ज्ञान है

डीएमके संग गठबंधन में शामिल एमएनएम पार्टी के नेता हासन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें 6 भाषाओं में थोड़े बहुत साक्षर हैं. इसके बाद उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि उन्हें लगभग छह भाषाओं का ज्ञान प्राप्त है. इसमें से तीन भाषाएं अच्छी तरह आती हैं, और बाकी तीन में महारत हासिल करना चाहता हूं. क्या आप जानना चाहेंगे, वो तीन कौन सी हैं? इसके बाद उन्होंने बताया कि वो तीन हैं- तमिल, अंग्रेजी और सिनेमा. उन्होंने कहा कि सिनेमा भी उनके लिए एक भाषा है. इसमें आप किसी भी भाषा में बात कर सकते हैं, भले ही सबटाइटल्स के साथ. उनके इस जवाब पर पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.

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