आपके फोन पर 11:41 पर कैसे आया इमरजेंसी अलर्ट वाला मैसेज, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताई पूरी बात

Alert Message On Mobile: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि यह तकनीक 2G से लेकर 5G तक हर मोबाइल टावर का इस्तेमाल करेगी और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है, जो इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के CAP प्रोटोकॉल के अनुसार तैयार की गई है.

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  • आज 11 बजकर 41 मिनट पर भारत सरकार की ओर से सेल ब्रॉडकास्टिंग सेवा का परीक्षण संदेश सभी मोबाइल पर भेजा गया
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि यह स्वदेशी तकनीक आपदा के समय 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी
  • यह तकनीक 2G से 5G तक सभी मोबाइल टावरों का उपयोग करेगी और सभी टेलीकॉम ऑपरेटर इससे जुड़ सकते हैं
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नई दिल्ली:

आज दोपहर 11 बजकर 41 मिनट पर सभी के मोबाइल फोन पर एक अलर्ट बजा. यह इतना अचानक और सायरन जैसी आवाज वाला था कि जो जहां था वहीं चौंक गया. लोगों में इस बात को लेकर चर्चा होने लगी कि आखिर इस अलर्ट का क्या मतलब था, क्या ये कोई स्पैम या साइबर अटैक तो नहीं था. पर जल्द ही क्लियर हो गया कि ये मैसेज अलर्ट भारत सरकार की ओर से आया था और ये किसी भी प्राकृतिक आपदा से आगाह करने के लिए एक टेस्टिंग मात्र थी. अब केंद्र सरकार में संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अलर्ट पर पूरी बात साफ कर दी. 

क्यों भेजा गया था अलर्ट?

मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (NDMA) और दूरसंचार विभाग ने मिलकर सेल ब्रॉडकास्टिंग सॉल्यूशन की शुरुआत की है. यह सिस्टम किसी भी आपदा के समय देश की 140 करोड़ आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. यह एक स्वदेशी (आत्मनिर्भर) तकनीक है, जो देश के हर गांव, शहर और क्षेत्र तक पहुंचेगी,चाहे वह हिमालय हो, तटीय इलाके हों या उत्तर‑पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र. इसके लिए न तो किसी फोन डेटाबेस की जरूरत है और न ही डेटा सिस्टम की. यह ऑपरेटर‑अज्ञेय (operator‑agnostic) है, यानी सभी टेलीकॉम कंपनियां इससे जुड़ सकती हैं.

सिंधिया ने आगे बताया कि यह तकनीक 2G से लेकर 5G तक हर मोबाइल टावर का इस्तेमाल करेगी और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है, जो इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के CAP प्रोटोकॉल के अनुसार तैयार की गई है. हमें उम्मीद है कि यह प्रणाली बाढ़, भूकंप, बादल फटने जैसी आपदाओं के दौरान एनडीआरएफ और आम नागरिकों,दोनों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी.”

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सायरन की तरह बजे मैसेज में क्या लिखा था?

आज 11 बजकर 41 मिनट पर आए मैसेज अलर्ट में लिखा था कि भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है, जिससे  नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचन मिल सकेगी. सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र. इस संदेश को प्राप्त करने पर जनता को कोई  कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है. यह एक परीक्षण संदेश है. भारत सरकार 

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