ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के लिए दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी समारोह की शुरुआत, 126 सदस्यीय समिति का गठन

सामाजिक सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत की है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • केंद्र सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के लिए दो-वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू किया है
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन और निगरानी करेगी
  • समिति में कुल 126 सदस्य हैं जिनमें पूर्व राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक व सार्वजनिक हस्तियां शामिल
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

देश के बड़े समाज सुधारकों में से महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ किया है. इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो इस पूरे अभियान का मार्गदर्शन और निगरानी करेगी.

126 सदस्यीय समिति, शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल

गठित समिति में कुल 126 सदस्य शामिल किए गए हैं. इसमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और रामनाथ कोविंद को भी सदस्य बनाया गया है. समिति में राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं. इसके अलावा कई राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को भी इस समिति में जगह दी गई है.

मुख्यमंत्री चयन में अपवाद, बिहार से उपमुख्यमंत्री को जिम्मेदारी

समिति में विधानसभा चुनाव वाले राज्यों और बिहार को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सदस्य बनाए गए हैं. बिहार से मुख्यमंत्री को समिति में शामिल नहीं किया गया है, बल्कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सदस्य बनाया गया है. इसके अलावा अशोक गहलोत, मायावती और उपेन्द्र कुशवाहा को भी समिति का सदस्य बनाया गया है.

11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक चलेगा कार्यक्रम

सरकार ने शनिवार को इस दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत की. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह आयोजन 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक चलेगा. राष्ट्रीय स्तर पर इस कार्यक्रम को दिशा देने और इसकी निगरानी के लिए गठित समिति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में काम करेगी. यह भी बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति (NIC) ने इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम को मंजूरी दी है.

Advertisement

उच्च स्तरीय समिति की भूमिका

गठित उच्च स्तरीय समिति का काम ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना और उन्हें दिशा में ले जाना है. समिति विभिन्न स्तरों पर होने वाले आयोजनों की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कार्यक्रम तय समयसीमा में पूरे हों.

ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती की तैयारी

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले ही दो साल के कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है. यह आयोजन देशभर में फुले के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को केंद्र में रखकर किया जाएगा.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Bengal assembly election: जो टीएमसी की चमचागिरी कर रहे... ममता पर भड़के ओवैसी, बोले- मुस्लिमों को डराते हो