नई दिल्ली:
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान में छिपे भारत के दुश्मनों का सफाया कर दिया. वहीं अब सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से भारत में छिपे गद्दारों पर एक के बाद एक कार्रवाई हो रही है. पिछले कुछ दिनों में 11 पाकिस्तानी जासूसों को गिरफ्तार किया गया है. ये वो जासूस हैं जो भारत में रहकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए काम करते थे. गिरफ्तार किए गए लोगों की लिस्ट में तमाम तरह के लोग हैं. यूट्यूबर, स्टूडेंट, व्यवसायी, गार्ड हर स्तर पर पाकिस्तान के इशारे पर ये सूचना पहुंचाते थे.
- ज्योति मल्होत्रा: हरियाणा की रहने वाली ज्योति पर सनसनीखेज आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़ी हुई थी. पुलिस जांच के अनुसार वह जनवरी में पहलगाम गई थी और वहां से गुप्त रास्ते से पाकिस्तान पहुंची. हालांकि उसका पहलगाम हमले से कोई संबंध है या नहीं, इसकी जांच जारी है.
- देवेंद्र सिंह: कैथल जिले के मस्तगढ़ गांव से पकड़ा गया देवेंद्र एक पूर्व सैन्यकर्मी का बेटा है. वह फेसबुक के माध्यम से एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया और 5 से 10 हजार रुपये के बदले सैन्य गोपनीय जानकारियां भेजता रहा. उसके पास से संवेदनशील नक्शे और दस्तावेज बरामद हुए हैं.
- शहज़ाद: रामपुर, यूपी का निवासी शहज़ाद एक कारोबारी था, जो भारत-पाक के बीच कॉस्मेटिक और मसालों का व्यापार करता था. इसी आड़ में वह ISI के लिए भी काम कर रहा था. उसे मुरादाबाद से यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया.
- नोमान इलाही: पानीपत से गिरफ्तार नोमान असल में एक 'डार्क वेब' जासूस था. पेशे से कंप्यूटर ऑपरेटर, लेकिन काम पाकिस्तान को भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी भेजना. उसने स्वीकार किया है कि उसने USB ड्राइव और नकदी के बदले संवेदनशील डाटा डार्कनेट पर अपलोड किया.
- गजाला: पंजाब के मलेरकोटला से पकड़ी गई गजाला, पाकिस्तान का वीजा लगवाने के लिए अक्सर हाई कमिशन जाती थी. यह गतिविधि शक के घेरे में आई और उसकी गिरफ्तारी हुई.
- यमीन मोहम्मद: गजाला के साथ ही पकड़ा गया यमीन पाकिस्तान हाई कमिशन में कार्यरत दानिश नामक व्यक्ति के संपर्क में था. उन पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं.
- अरमान: हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार अरमान व्हाट्सएप के ज़रिए भारत की सैन्य गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था. उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है.
- मुर्तजा अली: जालंधर में गुजरात पुलिस की छापेमारी में पकड़ा गया मुर्तजा ISI के लिए खुद बनाए मोबाइल ऐप से जानकारी भेजता था. उसके पास से चार मोबाइल और तीन सिम कार्ड मिले.
- तारीफ़: नूंह से गिरफ्तार दूसरे व्यक्ति तारीफ़ ने पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तान हाई कमिशन के दो अधिकारियों के संपर्क में था. वे उसे सिम कार्ड देते थे और उसे सिरसा जाकर एयरपोर्ट की तस्वीरें भेजने के निर्देश मिले थे.
- नउमान इलाही: पानीपत में 15 मई को गिरफ्तार 24 वर्षीय नौमान उत्तर प्रदेश के कैराना का निवासी है. वह एक फैक्ट्री में गार्ड था, लेकिन पाकिस्तान से कई बार संपर्क में था और संवेदनशील जानकारी भेजता था.
- करनबीर सिंह: गुरदासपुर में पकड़े गए करनबीर सिंह सीधे ISI के संपर्क में था और पिछले कई दिनों से भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी भेज रहा था. उस पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.
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