जेएलएफ 2026: जयपुर में शुरू हुआ साहित्य का महाकुंभ, किताबों, संगीत और संवाद से सजेगा पांच दिवसीय साहित्यिक पर्व

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के पहले दिन मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख़्तर का सत्र भी आयोजित होगा. इस सत्र में वे कविता, सिनेमा और समाज के रिश्ते पर खुलकर बात करेंगे. 

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  • जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 19वां संस्करण 15 से 19 जनवरी 2026 तक जेएलएन मार्ग होटल परिसर में आयोजित होगा
  • पहले दिन मशहूर शायर जावेद अख्तर का कविता, सिनेमा और समाज के रिश्ते पर सत्र आयोजित होगा
  • फेस्टिवल में इतिहासकार फ्रेडरिक लोगेवॉल, कन्नड़ लेखिका बानु मुश्ताक समेत चार नोबेल पुरस्कार विजेता शामिल होंगे
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जयपुर:

गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर शब्दों, विचारों, किताबों और रचनात्मक संवाद के उत्सव के लिए तैयार है. दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शुमार जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 19वां संस्करण गुरुवार से जेएलएन मार्ग होटल परिसर में शुरू हो रहा है. यह साहित्यिक महोत्सव 15 से 19 जनवरी 2026 तक चलेगा जिसमें देश और दुनिया के लेखक, विचारक, कलाकार और पाठक एक साझा मंच पर संवाद करते नजर आएंगे. इस बार 266 सत्रों में करीब 500 वक्ता भाग लेंगे. 

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के पहले दिन मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख़्तर का सत्र भी आयोजित होगा. इस सत्र में वे कविता, सिनेमा और समाज के रिश्ते पर खुलकर बात करेंगे. चर्चा के केंद्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, असहमति, रचनाकार की जिम्मेदारी और समकालीन भारत के सवाल रहेंगे. उर्दू शायरी और फिल्मी गीतों के उदाहरणों के साथ यह सत्र पहले दिन का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है.

आज सुबह 10 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में फेस्टिवल की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक नादा बिटवीन साउंड एंड साइलेंस' से होगी. इस सत्र में कर्नाटक संगीत की प्रस्तुति के जरिए ध्वनि और मौन के बीच के संतुलन को प्रस्तुत किया जाएगा. ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा का संगीत समूह प्रस्तुति देगा.

सुबह 11 बजे फिक्शन सत्र ‘हार्ट लैम्प' में इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 विजेता कन्नड़ लेखिका बानु मुश्ताक अपनी चर्चित कृति पर संवाद करेंगी. इस सत्र में उनसे बातचीत माउतुषी मुखर्जी करेंगी. इसी समय चारबाग मंच पर इतिहास और नॉन फिक्शन आधारित सत्र ‘एम्बर्स ऑफ वॉर द फॉल ऑफ एन एम्पायर एंड द मेकिंग ऑफ अमेरिका'-वियतनाम' आयोजित होगा. इसमें पुलित्जर पुरस्कार विजेता इतिहासकार फ्रेडरिक लोगेवॉल अमेरिका और वियतनाम युद्ध की पृष्ठभूमि पर चर्चा करेंगे. संवाद सैम डैलरिम्पल के साथ होगा.

सूर्य महल में अनुवाद साहित्य पर केंद्रित सत्र ‘ट्वाइस टोल्ड टेल्स' होगा. इसमें डेज़ी रॉकवेल और दीपा भास्ती भारतीय साहित्य के अनुवाद और वैश्विक पहुंच पर बातचीत करेंगी. इस सत्र का संचालन कनिष्क गुप्ता करेंगे. फाउंडेशन जान मिचाल्स्की दरबार हॉल में संस्कृति और यात्रा पर आधारित सत्र ‘नाइट ट्रेन्स स्मॉल चिल्ड्रन एंड वैगिंग टेल्स' आयोजित होगा. इसमें मोनिशा राजेश और दिव्या दुगर अपने यात्रा अनुभव साझा करेंगी. संवाद बी रोलेट के साथ होगा. राजस्थान सरकार के प्रस्तुत बैठक मंच पर साहित्यिक स्मृति और मिथकों पर आधारित सत्र ‘मिथ एंड मेमोरी' होगा. इसमें चर्चित लेखिकाएं सलमा और वोल्गा शामिल होंगी और एलिज़ाबेथ कुरुविला से संवाद करेंगी.

दोपहर 12 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में फेस्टिवल का औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित होगा. उद्घाटन संबोधन में नमिता गोखले, विलियम डैलरिम्पल और संजॉय के रॉय फेस्टिवल की थीम और उद्देश्य पर विचार रखेंगे. मुख्य वक्तव्य बानु मुश्ताक का होगा.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का एक खास आकर्षण स्पीकिंग टाइगर बुक्स की महत्वपूर्ण पुस्तक ‘ए स्टेट्समैन एंड ए सीकर द एक्स्ट्राऑर्डिनरी लाइफ एंड लेगेसी ऑफ डॉ. करण सिंह' का लोकार्पण है. वरिष्ठ पत्रकार हरबंस सिंह की लिखी गई यह आधिकारिक जीवनी 15 जनवरी को फर्स्ट एडिशन सत्र में लॉन्च की जाएगी. यह पुस्तक डॉ. करण सिंह के राजनीतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक जीवन की गहराई से पड़ताल करती है और आज़ादी के बाद भारत के इतिहास के कई अहम पड़ावों को सामने लाती है.

पहले दिन की शाम म्यूजिक स्टेज पर सजी रहेगी. शाम 7:30 बजे सौमिक दत्ता अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देंगे. इसके बाद रात 8:45 बजे वासु दीक्षित कलेक्टिव का लाइव परफॉर्मेंस होगा.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल सिर्फ किताबों का उत्सव नहीं, बल्कि विचारों का संगम भी है. यहां इतिहास, राजनीति, समाज, कला, साहित्य, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श होगा. इस बार फेस्टिवल में जियो पॉलिटिक्स, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एस्ट्रोफिजिक्स और टेक्नोलॉजी पर विशेष सत्र रखे गए हैं. भारत के पड़ोसी देशों में चल रहे संघर्ष, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा होगी. 

आयोजको के मुताबिक़ यह 19वां संस्करण अब तक के सबसे व्यापक आयोजनों में से एक है. दुनिया भर से 43 देशों की भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले लेखक और वक्ता जयपुर पहुंच रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर मुख्य वक्ता रहेंगे. चार नोबेल पुरस्कार विजेता, पुलित्जर पुरस्कार विजेता और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखक इस मंच की शोभा बढ़ाएंगे. इस बार हिंदी भाषा, राजस्थानी साहित्य और क्षेत्रीय भारतीय आवाजों पर विशेष फोकस रखा गया है. लोक संस्कृति, परंपराएं और भारतीय भाषाओं की रचनात्मक ऊर्जा फेस्टिवल के केंद्र में रहेंगी. बुक स्टॉल्स पर देश-विदेश के लेखकों की नई और चर्चित किताबें पाठकों का इंतजार कर रही हैं, जहां साहित्य प्रेमी शब्दों की दुनिया में खो सकेंगे.

साहित्यिक उत्कृष्टता को सम्मान देते हुए महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार 2026 की भी घोषणा की गई है. कविता के क्षेत्र में दीर्घकालिक और गहन योगदान के लिए यह पुरस्कार 17 जनवरी को प्रशस्ति-पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि के साथ प्रदान किया जाएगा. राजस्थानी लोक संगीत, कर्नाटक संगीत और देश के विभिन्न हिस्सों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को एक अलग ही अनुभव देंगी.

आंकड़ों की बात करें तो अब तक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में दो हजार से अधिक वक्ता हिस्सा ले चुके हैं और दुनिया भर से दस लाख से ज्यादा पुस्तक प्रेमी इस आयोजन का हिस्सा बन चुके हैं. पांच दिनों तक जयपुर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि विचारों का जीवंत नक्शा बन जाएगा. यहां बहसें होंगी, संवाद होंगे और स्मृतियां रची जाएंगी. गुलाबी नगरी एक बार फिर साबित करेगी कि शब्दों की ताकत सरहदें नहीं मानती और साहित्य आज भी समाज को जोड़ने की सबसे सशक्त भाषा है.
 

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