- झारखंड के जमशेदपुर में गुरुद्वारा स्कूल परिसर के बाहर कार की चपेट में आने से तीन साल के मासूम की मौत हो गई
- घटना के समय बच्चा खेल रहा था और घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई
- पुलिस ने दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है
झारखंड के जमशेदपुर में बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा स्कूल परिसर में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक तीन साल के मासूम की जान कार के चपेट में आने से चली गई. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त बच्चा खेल रहा था. पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
कैसे हुआ यह हादसा?
आयुष की मां अपने दो अन्य बच्चों को छुट्टी के बाद स्कूल से लेने पहुंची थीं. इसी दौरान आंगन में खेल रहा आयुष अचानक वहां से गुजर रही एक कार के नीचे आ गया. घायल अवस्था में उसे तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया है और ड्राइवर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है.
देशभर में गहराता स्कूल जोन सुरक्षा संकट
आयुष की मौत केवल एक स्थानीय दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह एक बड़े राष्ट्रीय संकट की ओर इशारा करती है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल यानी 2025 में देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में 1,500 से अधिक बच्चों की मौत हुई. इनमें से 40% मौतें स्कूल जोन के आसपास हुईं. इसी साल जनवरी में लखनऊ का स्कूल वैन हादसा और अब जमशेदपुर की यह घटना दर्शाती है कि स्कूल गेट पर सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम जैसे स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक वार्डन और सख्त मॉनिटरिंग की भारी कमी है.
राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग (NCPCR) लंबे समय से स्कूलों के आसपास 'सेफ जोन' नीति की वकालत करता रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब समय आ गया है जब सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए.
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