Jharkhand: 'मारुति और मोटरसाइकिल चले गए जमीन के अंदर', 10 घर धरती में समाए... 100 पर खतरा

भू-धसान के बाद पीड़ित ने बताया, हम खाना बना रहे थे, तभी जोरदार धमाका हुआ और जमीन हिलने लगी. बाहर निकले तो देखा-आसपास के 10 घर गायब. पहले से डर में जी रहे थे, अब सब तबाह हो गया.

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धनबाद में भू-धसान
Jharkhand:

झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा इलाके में टंडाबाड़ी बस्ती में शुक्रवार (24 अप्रैल) देर शाम जमीन धंसने से भयानक हादसा हो गया. देखते-देखते करीब 10 घर धरती के गर्भ में समा गए. इस आपदा में 4 लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है. एक मोटरबाइक भी धंस गई, जबकि एक मारुति कार मलबे में फंस गई. तेज धमाके जैसी आवाज के साथ हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग घरों से भागे और जान बचाई. वहीं बताया जा रहा है कि यहां करीब 100 घरों पर धसान की वजह से खतरा मंडरा रहा है.

घायलों को स्थानीय लोगों ने मलबे से खींचकर असर्फी अस्पताल पहुंचाया. गंभीर रूप से घायल को विशेष इलाज के लिए भर्ती किया गया है. सूचना मिलते ही धनबाद जिला प्रशासन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया. हालांकि, पीड़ितों में प्रशासन और BCCL के खिलाफ भारी नाराजगी है. पीड़ित मनोज सिंह ने बताया, "हम  खाना बना रहे थे, तभी जोरदार धमाका हुआ और जमीन हिलने लगी. बाहर निकले तो देखा-आसपास के 10 घर गायब. पहले से डर में जी रहे थे, अब सब तबाह हो गया."

क्यों हो रही बार-बार ऐसी घटनाएं

यह हादसा ओपन कास्ट कोयला खदानों के आसपास की बस्तियों में बार-बार हो रही भू-धसान की त्रासदी का हिस्सा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, सही तरीके से खनन ना करना , अत्यधिक कोयला उत्खनन और कमजोर भूमि संरचना से भूगर्भ में खालीपन पैदा हो रहा है, जिससे भू-धसान तेजी से हो रहे हैं. यहां लगातार जहरीली गैसें रिस रही हैं, जो सांस की बीमारियां फैला रही हैं. जिला प्रशासन और BCCL ने कई बार लोगों को खतरे वाले इलाके से हटने की अपील की है, लेकिन बस्तीवासी अपना घर-दुकान छोड़ने को तैयार नहीं. नतीजा—जान पर खेलकर रहना पड़ रहा है. पीड़ितों ने अब प्रशासन से सुरक्षित जगह पर घर और मुआवजा देने की मांग की है.

नहीं हो रहा स्थायी समाधान

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय और सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं. बिना पक्के पुनर्वास के ये वादे खोखले हैं. धनबाद जैसे कोयला क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त खनन नियंत्रण, भूमि पुनर्स्थापन और प्रभावितों का तत्काल स्थानांतरण जरूरी है. फिलहाल, बचाव कार्य जारी है.

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