उड़ान भरने को तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लंबे इंतजार के बाद DGCA से मिला एरोड्रम लाइसेंस

सिक्योरिटी क्लियरेंस के बाद नोएडा के जेवर एयरपोर्ट को एरोड्रम लाइसेंस भी मिल गया है. इससे अब यहां फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू हो सकते हैं.

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उत्तर प्रदेश के नोएडा (जेवर) इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एरोड्रम लाइसेंस मिल गया है. जेवर एयरपोर्ट को लंबे समय से इसका इंतजार था. इससे पहले जेवर एयरपोर्ट को सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी मिल चुका है और अब एरोड्रम लाइसेंस भी मिल गया है. इससे एस एयरपोर्ट के जल्द उद्घाटन की संभावना भी बढ़ गई है. माना जा रहा है कि नवरात्रि तक इसका उद्घाटन हो सकता है.

डायेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने बताया कि यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) को जेवर एयरपोर्ट के लिए एरोड्रम लाइसेंस दिया गया है. इस एयरपोर्ट को YIAPL बना रही है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सब्सिडियरी है. इस एयरपोर्ट को यूपी सरकार और केंद्र सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत डेवलप किया गया है.

एरोड्रम लाइसेंस मिलने का मतलब हुआ कि अब जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू हो सकते हैं. यानी, अब यहां से विमान उड़ सकते हैं. 

इससे पहले जेवर एयरपोर्ट को सिक्योरिटी वेटिंग क्लियरेंस मिल गया था, जिसके बाद ही एरोड्रम लाइसेंस मिलने का रास्ता साफ हो पाया था.

सरकार का लक्ष्य जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल करना है. इस एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कार्गो हब के साथ 4 फेज में डेवलप किया जा रहा है. पहले फेज में एक रनवे और एक टर्मिनल डेवलप होगा. इससे एयरपोर्ट की कैपेसिटी हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल करने की होगी. सभी फेज पूरे होने के बाद इस एयरपोर्ट पर हर साल 7 करोड़ यात्री आ सकेंगे. यह दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी के लिए एक बड़ा एविएशन हब बन जाएगा.
 

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