वैभव सूर्यवंशी पर कुंबले ने ऐसा क्या कहा? JDU के संजय झा को पसंद नहीं आया, सचिन-मेसी का दिया उदाहरण

Sanjay Jha On Vaibhav Sooryavanshi: वैभव की इस फॉर्म पर उन्हें टीम इंडिया में एंट्री कराने की मांग हो रही है,पर दिग्गज भारतीय स्पिनर अमिल कुंबले ऐसा नहीं मानते. उनके लिए वैभव की उम्र के हिसाब से उनका राष्ट्रीय टीम में चयन थोड़ा जल्दबाजी होगा. अब इसपर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ऐसा नहीं मानते.

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  • 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों के दिल में खास जगह बना ली है
  • अनिल कुंबले ने वैभव को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने को जल्दबाजी बताया और दबाव से बचाने की सलाह दी
  • JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने सचिन तेंदुलकर जैसे युवा खिलाड़ियों के उदाहरण देकर कुंबले से अलग तर्क रखा
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नई दिल्ली:

वैभव सूर्यवंशी....15 साल का ये विस्फोटक ओपनर अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है. पहली ही गेंद से बॉलरों की लाइन लेंथ बिगाड़ देने वाले इस वैभव ने बेहद कम समय में हर किक्रेट प्रेमी के जहन में अपना नाम बसा लिया है. वैभव की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट सरीखे दिग्गज गेंदबाजों की भी लाइन लेंथ बिगाड़ दी है. वैभव की इस फॉर्म पर उन्हें टीम इंडिया में एंट्री कराने की मांग हो रही है,पर दिग्गज भारतीय स्पिनर अमिल कुंबले ऐसा नहीं मानते. उनके लिए वैभव की उम्र के हिसाब से उनका राष्ट्रीय टीम में चयन थोड़ा जल्दबाजी होगा. अब इसपर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ऐसा नहीं मानते. उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देकर कहा कि वो इस तर्क को नहीं मानते. 

कुंबले की बात संजय झा को क्यों नहीं आई पसंद?

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कुंबले के तर्क से नाखुश होते हुए लिखा कि सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था.फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले और लियोनेल मेसी ने भी 16 साल की उम्र में ब्राजील और बार्सिलोना टीम से खेलना शुरू किया.बोरिस बेकर ने 17 साल की उम्र में विंबलडन जीत लिया था. माइकल फेल्प्स ने 15 साल की उम्र में 2000 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था.ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं. ऐसे में यह कहना कि बेहद प्रतिभाशाली 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का भारत के लिए डेब्यू टालना चाहिए या जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए,जैसा कि एक पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा तर्क और उपलब्ध सबूतों दोनों के खिलाफ है. टैलेंट उम्र का मोहताज नहीं होता है.

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कुंबले ने क्या कहा था?

वैभव सूर्यवंशी के इंडिया टीम में शामिल करने की मांग पर भारत के पूर्व कोच अनिल कुंबले ने कहा कि वैभव को टीम में शामिल करने की जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए. सभी उनकी प्रतिभा को देख चुके हैं. उन्हें ज्यादा देर तक रोक पाना कठिन होगा. अपेक्षाओं के अत्यधिक दबाव से सूर्यवंशी पर अनावश्यक दबाव बनेगा. अभी उनके पास बहुत समय है क्योंकि 10 साल बाद भी वह महज 25 साल के ही होंगे. 
 

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