Rajasthan News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास करने के लिए राजस्थान आने वाले हैं. यह जानकारी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने खुद 24 मार्च को एक्स पर पोस्ट करते हुए दी है. उन्होंने यह भी बताया है कि 42.80 किलोमीटर लंबी यह मेट्रो लाइन 13037.66 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी जो शहर की सबसे व्यस्त टोंक रोड को सीकर रोड से जोड़ेगी. इससे ना सिर्फ लोगों का समय बचेगा, बल्कि उनकी यात्रा भी अधिक सुगम हो जाएगी.
पहले बनेगा प्रह्लादपुरा से पिंडारापोल गौशाला तक 12 KM लंबा रूट
डीपीआर के मुताबिक, प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक मेट्रो फेज-2 का काम 4 चरणों में पूरा होगा. राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन सबसे पहले टोंक रोड पर प्रहलादपुरा से पिंजरापील गौशाला तक 12 KM का रूट तैयार करेगा. इस बीच कुल 10 मेट्रो स्टेशन (प्रहलादपुरा, मानपुरा, बिलवा कलां, विलया, गौनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दी पाटी मार्ग और पिंजरापोल गौशाला) बनेंगे. इस रूट से सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया और विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया जोन में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा और टोंक रोड की भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी.
अगले चरणों में इन प्रमुख इलाकों से गुजरेगी मेट्रो
इस रूट के पूरा होने के बाद दूसरे चरण में सीकर रोड टोडी मोड़ से अंसाबाड़ी तक और फिर शहर के बीच वाले एरिया में काम शुरू होगा. इस पूरे प्रोजेक्ट के नक्शे के अनुसार, मेट्रो आगे चलकर जयपुर के इन प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगी:-
- हरमाड़ा और वीकेआई (VKI) सेक्टर
- विद्याधर नगर और भवानी सिंह मार्ग
- सिंधी कैंप और गवर्नमेंट हॉस्टल
- अशोक नगर और SMS अस्पताल
- नारायण सिंह सर्किल और रामबाग पैलेस
- नेहरू मार्ग, गोपालपुरा, दुर्गापुरा और सांगानेर
मेट्रो का यह नेटवर्क सिंधी कैंप, एसएमएस अस्पताल और रामबाग पैलेस जैसी महत्वपूर्ण जगहों को कनेक्ट करते हुए पुराने शहर के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचेगा. हालांकि, इन घने इलाकों में काम बाद के पैकेजों में किया जाएगा.
कुल 36 स्टेशनों में से 34 एलिवेटेड होंगे, 2 अंडरग्राउंड
इस प्रोजेक्ट में कुल 36 स्टेशन होंगे, जिनमें 34 जमीन के ऊपर और 2 जमीन के नीचे बनाए जाएंगे. सांगानेर से जयपुर एयरपोर्ट तक का मेट्रो रूट पूरी तरह से अंडरग्राउंड रहेगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जयपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के नीचे एक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा. इससे यात्री भारी सामान लेकर बाहर भटकने की बजाय सीधे एयरपोर्ट के अंदर पहुंच सकेंगे.
पुराने और नए रूट को जोड़ने का प्लान
मेट्रो के दूसरे चरण को पहले से चल रहे फेज-1 (मानसरोवर से बड़ी चौपड़) के साथ जोड़ने के लिए स्पेशन प्लान भी बनाया गया है. इसके लिए गवर्नमेंट हॉस्टल और चांदपोल मेट्रो स्टेशन के बीच एक 'स्पर लाइन' का निर्माण होगा. वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन से खासा कोठी तक एक फुट ओवरब्रिज भी तैयार किया जाएगा, ताकि लोग आसानी से एक लाइन से दूसरी लाइन पर जा सकें.
प्रोजेक्ट का काम कब तक पूरा होगा?
इस प्रोजेक्ट का काम सितंबर 2031 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. खर्चे की बात करें तो कुल बजट का आधा हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी और बाकी खर्चा राजस्थान सरकार उठाएगी, यानी 50:50 की साझेदारी होगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पहले 12 किलोमीटर के बाद जो बाकी का 29 किलोमीटर का रूट बचता है, उसके लिए भी जल्द से जल्द टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि पूरा काम समय पर खत्म हो सके.
अभी रोजाना 60 हजार लोग कर रहे सफरआपको बता दें कि जयपुर मेट्रो के पहले फेज में फिलहाल रोजाना करीब 60,000 लोग सफर कर रहे हैं. फेज-2 शुरू होते ही यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी. जैसे-जैसे लोग अपनी कार और बाइक छोड़कर मेट्रो में सफर करेंगे, सड़कों पर गाड़ियों का जमाव कम होगा. इससे पेट्रोल-डीजल की भी बचत होगी और एयर पॉल्यूशन भी कम होगा. इसके साथ-साथ, टोंक रोड और सीकर रोड के इलाके जहां से यह मेट्रो गुजरेगी, वहां जमीनों और मकानों के दाम बढ़ेंगे और नई कॉलोनियां व मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स विकसित होंगी.
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