Jagannath Temple Ratna Bhandaar: फिर खुला पुरी के जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार, निकला इतना खजाना, 18 अप्रैल तक जारी रहेगी गिनती

Jagannath Temple Ratna Bhandaar Counting: ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में रत्न भंडार (खजाना) की इन्वेंट्री का दूसरा चरण गुरुवार से शुरू फिर शुरू हुआ. यह गिनती 11 अप्रैल तक जारी रहेगी. इसके बाद 13 अप्रैल से पुनः शुरू होकर 16 से 18 अप्रैल तक चलेगी. अधिकारियों के अनुसार, खजाने में रखी हर वस्तु का व्यवस्थित और सटीक सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक अंजाम दिया जा रहा है.

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Jagannath Temple Ratna Bhandaar Counting News: ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में रत्न भंडार (खजाना) की इन्वेंट्री का दूसरा चरण गुरुवार से शुरू फिर शुरू हुआ. पहले से तय समय के मुताबिक मंदिर में रखे बहुमूल्य आभूषणों और वस्तुओं की गिनती और सत्यापन का काम किया जा रहा है. यह प्रक्रिया बुधवार से शुरू हुई थी और अब इसे तय अधिकारियों की कड़ी निगरानी में किया जा रहा है.

रत्न भंडार की इस अहम प्रक्रिया की निगरानी रत्न भंडार सुपरवाइजर कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस विश्वनाथ रथ और श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी की उपस्थिति में की जा रही है. तय कार्यक्रम के अनुसार, यह गिनती 11 अप्रैल तक जारी रहेगी. इसके बाद 13 अप्रैल से पुनः शुरू होकर 16 से 18 अप्रैल तक चलेगी. अधिकारियों के अनुसार, खजाने में रखी हर वस्तु का व्यवस्थित और सटीक सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक अंजाम दिया जा रहा है.

पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ निरीक्षण

गजपति महाराजा मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले पूजा अर्चना की और रत्न सिंहासन पर विराजमान चारों देवताओं के दर्शन किए. इसके बाद उन्होंने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चल रही गिनती प्रक्रिया का निरीक्षण किया. इस दौरान उनके साथ श्रीनाहर राजपुरोहित और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

मंदिर में विधिविधान से रत्नों की गिनती के जाते अधिकारी.
Photo Credit: Dev Kumar

बाहरी और आंतरिक खजाने पर अलग-अलग फोकस

दूसरे चरण में मुख्य रूप से बाहरी रत्न भंडार की गिनती पर ध्यान दिया जा रहा है, जो लगभग चार दिनों तक चलेगा. वहीं, आंतरिक रत्न भंडार की इन्वेंट्री 13 अप्रैल से दोबारा शुरू होगी और फिर 16 से 18 अप्रैल तक जारी रहेगी. मंदिर प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और हर वस्तु का सही रिकॉर्ड तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रहा है. रत्न भंडार में मौजूद हर कीमती वस्तु का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी तरह की अनिश्चितता या विवाद की स्थिति न बने.

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गजपति महाराजा ने लिया प्रक्रिया का जायजा

गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने बुधवार को मंदिर का दौरा कर चल रही गिनती और सत्यापन प्रक्रिया का निरीक्षण किया. समीक्षा के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में गति से अधिक शुद्धता और पारदर्शिता महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भले ही इस प्रक्रिया में अधिक समय लगे, लेकिन इसे पूरी तरह सही तरीके से किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो.

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इन्वेंट्री प्रक्रिया के चलते मंदिर में दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है. भक्तों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन मुख्य द्वार के पास लगाए गए लकड़ी के बैरिकेड के बाहर से ही करने की अनुमति दी जा रही है.

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