- इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमले के बाद कश्मीर घाटी में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए.
- इस्लामाबाद आत्मघाती हमले में 30 से अधिक लोग मारे गए और करीब 170 लोग घायल हुए थे.
- प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ नारेबाजी की.
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती हमले में शिया नमाजियों की हत्या के विरोध में कश्मीर घाटी में कई जगहों पर पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए हैं. शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और उन्होंने पाकिस्तान, उसकी सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब और इजरायल के खिलाफ भी नारे लगाए. शुक्रवार को एक आत्मघाती हमलावर ने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद को निशाना बनाया, जिसमें 30 से अधिक लोग मारे गए और करीब 170 लोग घायल हो गए.
पिछले एक साल में कश्मीर में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों की यह दूसरी घटना है. पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर भर में प्रदर्शन हुए थे, जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी. हालांकि इस बार प्रदर्शन शिया बहुल इलाकों तक ही सीमित हैं.
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हमले को लेकर लोगों में नाराजगी
इस हमले के बाद लोगों में काफी आक्रोश देखा गया और उन्होंने इसकी जमकर निंदा की है. शुक्रवार देर शाम बांदीपोरा जिले के सुंबल इलाके और बारामूला जिले के पट्टन में प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' और 'जो पाकिस्तान का यार है गद्दार है' जैसे नारे लगा रहे थे.
पाकिस्तान के खिलाफ उमड़ते गुस्से के बीच विरोध प्रदर्शनों के दौरान 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' जैसे भारत समर्थक नारे भी लगाए गए. ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन ने कहा कि उसकी यूनिट ने विरोध प्रदर्शन किया और नमाजियों पर हुए आत्मघाती हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
शिया एसोसिएशन ने कहा, "एजेकेएसए यूनिट चिनबल (पट्टन) ने इस्लामाबाद के तरलाई स्थित इमामबाड़ा खदीजात-उल-कुबरा में हुए क्रूर विस्फोट को लेकर पाकिस्तान की निंदा करते हुए जोरदार नारे लगाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की."
जगह-जगह पाकिस्तान विरोध प्रदर्शन
बारामूला जिले के हंजीवेरा में भी शनिवार को इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए. सैकड़ों लोग तिरंगा लेकर राजमार्ग पर उतरे और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए. श्रीनगर के इमामबाड़ा जादिबल और हरवान में भी पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए.
कारगिल में धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने शिया नमाजियों पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और पाकिस्तान सरकार से इस जघन्य आतंकी कृत्य के दोषियों को सजा देने का आग्रह किया.
कारगिल स्थित जमीयत उलेमा असना अशरिया के एक बयान में कहा गया कि हम पाकिस्तानी सरकार और उसके सुरक्षा तंत्र से इस आतंकी हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो.
भारत ने की निंदा, कहा- आरोप निराधार
भारत ने इस्लामाबाद की मस्जिद में हुए आत्मघाती बम हमले की निंदा की और पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए निराधार आरोपों को खारिज कर दिया. साथ ही लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की.
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "इस्लामाबाद की मस्जिद में हुआ बम हमला निंदनीय है और भारत इसमें हुई जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय, अपने घरेलू अपराधों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को भ्रमित करने का विकल्प चुन रहा है. भारत ऐसे हर आरोप को खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक है."














