'एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता', मिडिल ईस्ट संघर्ष पर विदेश मंत्रालय का बयान

ईरान पर हमले के बाद गल्फ के देशों में शुरू हुए जंग को लेकर भारत सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में 7 प्वाइंट में पूरी बात रखी गई है. इसमें कहा गया है कि कूटनीति और बातचीत से समाधान होना चाहिए.

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर.
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  • भारत ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर बातचीत और कूटनीति से समाधान निकालने पर जोर दिया है.
  • खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं, उनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
  • विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि हाल के हमलों में कुछ भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और कुछ लापता हैं.
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नई दिल्ली:

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद गल्फ के देशों में शुरू हुए जंग को लेकर भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में मिडिल ईस्ट में बातचीत और कूटनीति से समाधान निकालने की बात कही है. विदेश विभाग के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत की प्रतिक्रिया का लेटर जारी किया है. इस लेटर में 7 प्वाइंट में भारत की प्रतिक्रिया का जिक्र है. विदेश मंत्रालय के बयान में बताया कि करीब एक करोड़ भारतीय गल्फ के देशों में हैं. जिनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. बयान में यह भी बताया गया कि कुछ दिनों में ऐसे हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है या लापता हैं.

मिडिल ईस्ट संघर्ष पर भारत की 7 प्वाइंट में प्रतिक्रिया

  1. 28 फरवरी 2026 को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने पर हमने गहरी चिंता व्यक्त की थी. उस समय भी भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था. दुर्भाग्य से, रमज़ान के पवित्र महीने में, क्षेत्र की स्थिति लगातार और गंभीर रूप से बिगड़ गई है.
  2. हाल के दिनों में हमने न केवल संघर्ष की तीव्रता में वृद्धि देखी है, बल्कि इसका अन्य देशों में भी प्रसार हुआ है. विनाश और मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है, जबकि सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं. क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक निकटवर्ती पड़ोसी के रूप में, ये घटनाक्रम अत्यंत चिंताजनक हैं.
  3. खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हम किसी भी ऐसे घटनाक्रम के प्रति उदासीन नहीं रह सकते जो उन्हें नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो. हमारी व्यापार और एनर्जी सप्लाई सीरीज भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं. किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. वैश्विक कार्यबल में जिनके नागरिक प्रमुख भूमिका निभाते हैं, ऐसे देश के रूप में भारत व्यापारिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध करता है. पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है या लापता हैं.
  4. इस पृष्ठभूमि में भारत संवाद और कूटनीति के अपने आह्वान को दृढ़तापूर्वक दोहराता है. हम संघर्ष के शीघ्र अंत के पक्ष में स्पष्ट रूप से अपनी आवाज उठाते हैं. पहले ही कई लोगों की जान जा चुकी है और हम इस संबंध में अपना दुख व्यक्त करते हैं.
  5. प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों और सामुदायिक संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं और आवश्यकतानुसार नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं. उन्होंने संघर्ष में फंसे लोगों को हर संभव सहायता भी प्रदान की है. दूतावास और वाणिज्य दूतावास इस संघर्ष के विभिन्न कांसुलर पहलुओं को सुलझाने में सक्रिय रूप से काम करते रहेंगे.
  6. हम इस क्षेत्र की सरकारों के साथ-साथ अन्य प्रमुख साझेदारों के भी संपर्क में हैं. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों से बातचीत की है.
  7. सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और राष्ट्रीय हित में उचित निर्णय लेगी.
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