रायसीना डायलॉग 2026: ईरान ने कहा- हमने होर्मुज की जलसंधि बंद नहीं की

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक ओर अपने देश में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वे ईरान के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति को गिराना चाहते हैं.

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  • ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के दावों को पूरी तरह से खारिज किया है
  • ईरान को फारस की खाड़ी में स्थिरता का लंगर बताया गया और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है
  • ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी और कूटनीति को ही संघर्ष का समाधान बताया है
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नई दिल्ली:

फारस की खाड़ी में तेहरान को एक “जिम्मेदार शक्ति” बताते हुए, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के दावों को खारिज कर दिया है. रायसीना संवाद 2026 में बोलते हुए, खतीबज़ादेह ने कहा कि हमने इसे बंद नहीं किया है और फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं है.

उन्होंने ईरान को खाड़ी क्षेत्र में "स्थिरता का लंगर" (Anchor of stability) बताया और कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नेविगेशन की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 'ईरान में नेतृत्व परिवर्तन' वाले बयान पर तंज कसते हुए खतीबज़ादा ने कहा कि यह औपनिवेशिक मानसिकता है. जो राष्ट्रपति अपने देश में न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकता, वह ईरान का नेता चुनने की बात कर रहा है.

रायसीना संवाद में नीति निर्माताओं और राजनयिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने ईरान को क्षेत्र में उसकी उपस्थिति और सक्रिय भूमिका के कारण समुद्री स्थिरता का एक प्रमुख गारंटर बताया. मंत्री ने कहा कि समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाला अमेरिका ही है.

खातिबज़ादेह ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक ओर अपने देश में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वे ईरान के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति को गिराना चाहते हैं.

मौजूदा संघर्ष को 'अस्तित्व का युद्ध' बताते हुए, उप विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल पर 'झूठे' और 'ग्रेटर इज़रायल के भ्रम' पर आधारित बिना उकसावे के आक्रमण शुरू करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "आज अमेरिकी और इज़रायली जो कर रहे हैं वह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के खिलाफ है. ईरान की ओर से कोई उकसावा नहीं था. मेरे देश पर इस झूठे आरोप के आधार पर हमला किया जा रहा है कि ईरान खतरा पैदा कर रहा था."

ईरान के उप विदेश मंत्री ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी देते हुए कहा, "हमारे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है कि हम उन सभी जगहों पर हमला करें जहां से अमेरिकी अपना हमला शुरू कर रहे हैं."

खातिबज़ादेह ने आगे आरोप लगाया कि मोसाद द्वारा "झूठे अभियान" चलाए जा रहे हैं, ताकि जंग को साइप्रस, सऊदी अरब और कतर जैसे क्षेत्रों तक फैलाया जा सके. उन्होंने सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाए जाने की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक खतरनाक चलन बताया.

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राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष भी रहे मंत्री ने कहा, "भारत और ईरान की सोच शतरंज जैसी है, अमेरिकी फुटबॉल जैसी नहीं. कूटनीति ही एकमात्र विकल्प है."

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