- डॉ. सागरप्रीत हुड्डा को उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस से सम्मानित किया गया
- उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में उग्रवादियों के समर्थन वाले जबरन वसूली नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई
- श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की जांच टीम का नेतृत्व डॉ. हुड्डा ने किया था, जो पूरे देश में चर्चित रहा था
चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा को राष्ट्रपति पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस से सम्मानित किया गया है. यह पुलिस सेवा में बेहतरीन और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला देश के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है. इस पुरस्कार की घोषणा 2025 के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी, जबकि 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दिल्ली पुलिस रेज़िंग डे समारोह के मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें औपचारिक रूप से यह पदक प्रदान किया.
1997 बैच (AGMUT कैडर) के आईपीएस अधिकारी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने भारतीय पुलिस सेवा में 28 साल से ज्यादा समय तक सेवा दी है. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़ और भारत सरकार में कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. जब वो अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग जिले में पुलिस अधीक्षक थे, तब उन्होंने उग्रवादियों के समर्थन से चल रहे एक जबरन वसूली नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई. यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है. उनकी इस कार्रवाई से कानून का राज मजबूत हुआ. देश की चर्चित श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की जांच टीम को भी सागरप्रीत हुड्डा ने ही लीड किया था.
बाद में अरुणाचल प्रदेश में ही आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) के तौर पर उन्होंने संवेदनशील आंदोलनों के दौरान हालात को संभाला और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराए. दिल्ली में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रहते हुए डॉ. हुड्डा ने परिवर्तन नाम की एक अनोखी पहल शुरू की. इसका मकसद महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को बेहतर बनाना था.
इस कार्यक्रम का असर जमीन पर साफ दिखाई दिया और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली. इस पहल को अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी स्थित International Association of Chiefs of Police द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित Webber Seavey Award से सम्मानित किया गया. दिल्ली पुलिस में डीसीपी, जॉइंट सीपी और स्पेशल सीपी जैसे अहम पदों पर रहते हुए डॉ. हुड्डा ने कई हाई-प्रोफाइल जांचों की निगरानी की और जटिल कानून-व्यवस्था की स्थितियों को सफलतापूर्वक संभाला.
उन्होंने 2023 में आयोजित G20 Summit 2023 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन को मजबूत करने और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को आधुनिक बनाने में भी उनका बड़ा योगदान रहा. दिल्ली के श्रद्धा वाल्कर केस में सागरप्रीत हुड्डा पूरी जांच टीम को लीड कर रहे थे,इस केस की बेहतरीन जांच के बाद आरोपी श्रद्धा वाल्कर का बॉयफ्रेंड पकड़ा गया था ,इस मामले में अभी कोर्ट में ट्रॉयल चल रहा है
राष्ट्रपति पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस से सम्मानित किया जाना उनके लंबे, बेदाग और उत्कृष्ट करियर की एक बड़ी और सम्मानजनक उपलब्धि है. यह सम्मान न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पुलिस सेवा के लिए भी गर्व का क्षण है.














