हिंद महासागर में बढ़ी भारत की ताकत: INS इंफाल नौसेना में हुआ शामिल, जानें वॉरशिप की खासियतें

रक्षा मंत्रालय के मुंबई स्थित शिपयार्ड मझगांव डॉकशिप बिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने इंफाल को बनाया है. INS इंफाल वॉरशिप सतह से सतह पर मार करने वाली 8 बराक और 16 ब्रह्मोस एंटीशिप मिसाइल, सर्विलांस रडार, 76 MM रैपिड माउंट गन, एंटी सबमरीन टॉरपीडो से लैस है.

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INS इंफाल के निर्माण में स्वदेशी स्टील DMR 249A का इस्तेमाल किया गया है.
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  • 19 मई 2017 को रखी गई थी INS इंफाल की आधारशिला
  • नए स्टील्थ गाइडेड मिसाइलों से लैस है वॉरशिप
  • मुंबई डॉकयार्ड में कमीशंड हुआ INS इंफाल
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मुंबई:

हिंद महासागर (Indian Ocean)में चीन की बढ़ती घुसपैठ के बीच भारत की ताकत और मजबूत हो गई है. मंगलवार को INS इंफाल वॉरशिप (Warship INS Imphal) भारतीय नौसेना (Indian Navy) में शामिल हो गया. यह वॉरशिप ब्रह्मोस जैसे नए स्टील्थ गाइडेड मिसाइलों से लैस है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh)ने INS इंफाल को मुंबई डॉकयार्ड में कमीशंड किया. यह वॉरशिप नौसेना की पश्चिमी कमान में शामिल हुआ.

रक्षा मंत्रालय के मुंबई स्थित शिपयार्ड मझगांव डॉकशिप बिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने इंफाल को बनाया है. INS इंफाल वॉरशिप सतह से सतह पर मार करने वाली 8 बराक और 16 ब्रह्मोस एंटीशिप मिसाइल, सर्विलांस रडार, 76 MM रैपिड माउंट गन, एंटी सबमरीन टॉरपीडो से लैस है. 

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INS इंफाल का 75% हिस्सा पूरी तरह स्वदेशी
INS इंफाल के निर्माण में स्वदेशी स्टील DMR 249A का इस्तेमाल किया गया है. यानी इसका 75% हिस्सा पूरी तरह स्वदेशी है. INS इंफाल विशाखापत्तनम कैटेगरी के 4 डिस्ट्रॉयर्स में से तीसरा है, जिसे भारतीय नौसेना के इन-हाउस ऑर्गनाइजेशन वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है.

20 अक्टूबर 2023 को नौसेना को सौंपा गया था INS इंफाल 
INS इंफाल की आधारशिला 19 मई 2017 को रखी गई थी. INS इंफाल को पोर्ट और समुद्र में टेस्टिंग के बाद 20 अक्टूबर 2023 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया था. इंफाल पहला वॉरशिप है, जिसका नाम नॉर्थ ईस्ट के एक शहर पर रखा गया है. मणिपुर की राजधानी का नाम इंफाल है. राष्ट्रपति ने 16 अप्रैल 2019 को INS इंफाल नाम रखने की मंजूरी दी थी. INS इंफाल 28 अप्रैल 2023 को अपने पहले समुद्री टेस्टिंग के लिए रवाना हुआ था. 

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INS इंफाल से पहले भारतीय नौसेना में प्रोजेक्ट 15B के तहत बने INS विशाखापट्टनम को 21 नवंबर 2021 और INS मर्मगाओ को 18 दिसंबर 2022 को कमीशन किया गया था.

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INS इंफाल की खासियतें-
- INS इंफाल की लंबाई 535 फीट है. इसका वजन 7400 टन है.
- वॉरशिप की रफ्तार 56 किलोमीटर प्रति घंटा है.
- INS इंफाल 42 दिन समुद्र में रह सकता है.
- इसमें 300 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं
- इस वॉरशिप में 32 बराक 8 मिसाइलें हैं.
-INS इंफाल 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइलों से भी लैस है.
- इसमें 4 टॉरपीडो ट्यूब्स लगे हुए हैं. INS इंफाल में 2 एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर भी लगै हैं.
-इस वॉरशिप में 2 ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर भी तैनात हैं.
-इस वॉरशिप में स्टेट ऑफ द आर्ट सेंसर लगे हुए हैं, जो दुश्मन के हथियारों का आसानी से पता लगा सकते हैं.
-इसमें बैटल डैमेज कंट्रोल सिस्टम भी लगा हुआ है.

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रक्षामंत्री ने क्या कहा?
INS इंफाल को कमिशंड करने को दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ‘जलमेव यस्य, बलमेव तस्य' के हमारे सिद्धांत को यह वॉरशिप मजबूती देगा. उन्होंने कहा, "भारत की बढ़ती शक्ति ने कुछ ताकतों को ईर्ष्या और घृणा से भर दिया है. मर्चेंट वेसल्स 'केम प्लूटो' और 'साईं बाबा' पर हमलों के अपराधियों पर जल्द ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी.” मर्चेंट नेवी जहाजों पर हालिया हमलों के बाद भारत ने समुद्र में गश्त बढ़ा दी है.

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