- भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं
- आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर नियंत्रण न रखने पर सख्त चेतावनी दी है
- उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह भूगोल और इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं
भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद रिश्ते और तल्ख हुए हैं. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर कर बता भी दिया कि हिंदुस्तान को कमजोर समझने की भूल नादानी है. इस बीच भारत के आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सख्त लहजे में कहा कि अगर पाकिस्तान ने आतंक पर लगाम नहीं कसी तो फिर तय कर ले कि उसे भूगोल और इतिहास का हिस्सा रहना है या नहीं.
पाकिस्तान को आर्मी चीफ की सख्त वॉर्निंग
एक कार्यक्रम में भारत के आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान पर सवाल किया गया. उपेंद्र द्विवेदी ने जवाब देते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का.
क्या है सैन्य अधिकारी की सबसे बड़ी खुशी?
सेना संवाद कार्यक्रम: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसे उसके सैनिक स्वीकार करते हैं और उस पर उनका पूरा भरोसा होता है.जब कोई सैनिक किसी सफल ऑपरेशन के बाद आपको गले लगाता है, उस समय कोई पद या पदानुक्रम (hierarchy) नहीं रहता, वह आपको अपना साथी (comrade) मानता है. वह सबसे खास पल होता है.
एक सैनिक के पास हमेशा समय की कमी होती है,यूनिट में नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए.ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिक अक्सर अपनी शादियों में शामिल नहीं हो पाते और कई बार अपने बच्चों के जन्म के वक्त भी मौजूद नहीं रह पाते. हम इसमें सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन कई बार यह हमारे नियंत्रण से बाहर भी होता है.”
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