लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 10 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले कार्यकाल में हमें विकास की राह में कांग्रेस द्वारा बनाए गए गड्ढों को भरने में काफी वक्त खर्च करना पड़ा. फिर हमने देश के विकास को लेकर बुनियाद खड़ी की और दूसरे कार्यकाल में देश ने तेजी से कई उपलब्धियां हासिल की.
वहीं पीएम ने कहा कि अब तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा. उन्होंने कहा, "भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को पूरी दुनिया सराह रही है. जी20 समिट में पूरी दुनिया ने देखा है कि विश्व भारत के लिए क्या कहता है और क्या करता है. आज मजबूत अर्थव्यवस्था और तेज गति से देश के विकास को देखते हुए मैं विश्वास से कहता हूं, हमारे तीसरे टर्म में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी. ये मोदी की गारंटी है."
तीसरा कार्यकाल सौ-सवा सौ दिन दूर- प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा कि हमारे तीसरे कार्यकाल में बहुत बड़े-बड़े फैसले होंगे. तीसरा कार्यकाल अब सिर्फ सौ-सवा सौ दिन दूर है. तीसरा कार्यकाल अगले एक हजार साल के लिए एक मजबूर नींव रखने का कार्यकाल होगा. मैं देश को अगले हजार सालों तक समृद्ध और सिद्धि के शिखर पर देखना चाहता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो ये लोग हंगामा करते हैं, जबकि कांग्रेस के शासन काल में एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग किया जाता था.
विपक्ष ने अगले कई दशक तक विपक्ष में ही रहने का संकल्प लिया है- पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा, "विपक्ष की एक-एक बात से मेरा और देश का विश्वास पक्का हो गया है. मैंने लंबे समय तक वहां नहीं रहने का संकल्प लिया है. जबकि विपक्ष कई दशक तक जैसे यहां (सत्ता) बैठे थे, वैसे कई दशक तक वहां (विपक्ष) बैठने का संकल्प लिया है. जिस पर आप मेहनत कर रहे हैं, ईश्वर रूपी जनता आपको जरूर आशीर्वाद देगी. आप अगले चुनाव में दर्शक दीर्घा में दिखेंगे."
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने चार मजबूत स्तंभों पर हमारा ध्यान आकर्षित किया है. राष्ट्रपति ने देश की नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब भाई-बहन और किसानों के सशक्तीकरण की चर्चा की है. ये विकसित भारत तक पहुंचने का रास्ता है.
पीएम ने कहा कि संसद के इस नए भवन में जब राष्ट्रपति संबोधित करने आई. सेंगोल स्थापित की गई. इन सब पल से लोकतंत्र की गरिमा और बढ़ी. सेंगोल का नेतृत्व, हम सबको प्रभावित करने वाला दृश्य था.