- भारत और सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास लामितिये‑2026 सेशेल्स डिफेंस अकादमी में चल रहा है
- भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और सेशेल्स डिफेंस फोर्स मिलकर आतंकवाद‑रोधी ऑपरेशन पर विशेष चर्चा कर रहे हैं
- शहरी इलाकों में सर्च ऑपरेशन, क्लोज क्वार्टर बैटल और भीड़ नियंत्रण जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया है
आतंकवाद से निपटने और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से भारत और सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास लामितिये‑2026 सेशेल्स डिफेंस अकादमी में जारी है. यह अभ्यास 10 मार्च से शुरू हुआ है और 22 मार्च 2026 तक चलेगा. यह भारत‑सेशेल्स संयुक्त अभ्यास का 11वां संस्करण है, जिसमें दोनों देशों की सेनाएं मिलकर हिस्सा ले रही हैं.
तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास
इस बार लामितिये अभ्यास को खास माना जा रहा है क्योंकि यह तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास है. इसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के साथ सेशेल्स डिफेंस फोर्स के सैनिक भाग ले रहे हैं. अभ्यास का मकसद दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना और रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है.
आतंकवाद‑रोधी ऑपरेशन पर फोकस
अभ्यास के दौरान सैनिकों ने प्रोफेशनल मीटिंग, लेक्चर, डेमोंस्ट्रेशन और प्रैक्टिकल ड्रिल में हिस्सा लिया. इन गतिविधियों का उद्देश्य संयुक्त ऑपरेशन की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और एक‑दूसरे के अनुभव साझा करना रहा. ट्रेनिंग के दौरान आतंकवाद‑रोधी ऑपरेशन पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें भारतीय सेना के एक बड़े ऑपरेशन को केस स्टडी के रूप में पेश किया गया. इसके जरिए ऑपरेशन की योजना, खुफिया जानकारी के इस्तेमाल और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल पर प्रकाश डाला गया.
शहरी इलाकों में सर्च ऑपरेशन की ट्रेनिंग
सैनिकों ने शहरी और अर्ध‑शहरी इलाकों में सर्च ऑपरेशन की भी ट्रेनिंग ली. इसमें इलाके की घेराबंदी, तलाशी की तकनीक, भीड़ नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहे. इसके अलावा क्लोज क्वार्टर बैटल और कमरे में घुसकर कार्रवाई से जुड़ी ड्रिल भी कराई गई, जिसमें दोनों देशों के सैनिकों ने मिलकर दुश्मन को काबू में करने और समन्वित हमले की तकनीकों का अभ्यास किया.
हाइजैक स्थिति और आपदा राहत पर अभ्यास
अभ्यास के तहत हाइजैक बस की स्थिति से निपटने का विशेष डेमोंस्ट्रेशन भी दिया गया. इसमें बंधकों को सुरक्षित निकालने और तेज कार्रवाई की रणनीति दिखाई गई. इसके साथ ही आपदा राहत कार्यों में हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल पर भी प्रस्तुति दी गई, जिसमें घायलों की निकासी, राहत सामग्री पहुंचाने और हवाई निगरानी की भूमिका बताई गई. आपदा प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई.
मेडिकल सपोर्ट और समुद्री सुरक्षा पर जोर
दोनों देशों के सैन्य डॉक्टरों ने बैटलफील्ड मेडिकल सपोर्ट और टैक्टिकल मेडिकल केयर से जुड़े अनुभव साझा किए. इसमें घायल सैनिकों को तुरंत सहायता और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया पर चर्चा हुई. समुद्री सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन भी अभ्यास का अहम हिस्सा रहे. सेशेल्स कोस्ट गार्ड और स्पेशल फोर्सेज ने संदिग्ध जहाजों की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली सर्च एंड सीजर यानी VBSS प्रक्रिया का प्रदर्शन किया.
योग और मार्शल आर्ट्स से बढ़ा आपसी तालमेल
अभ्यास के दौरान सैनिकों ने योग और आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (AMAR) में भी हिस्सा लिया. ‘लामितिये' शब्द सेशेल्स की क्रियोल भाषा का है, जिसका अर्थ दोस्ती होता है. यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग, समझ और तालमेल को मजबूत कर रहा है और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग को भी बढ़ावा दे रहा है.














