- विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक आज दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 12 बजे से होगी
- DMK ने कांग्रेस के कारण इस बैठक में भाग लेने से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है
- CPI(M) के कांग्रेस के साथ कुछ मतभेद हैं, लेकिन वह इस बैठक में शामिल हो रही है
विपक्षी 'INDIA' गठबंधन की आज बैठक होने वाली है. इस बैठक में 23 राजनीतिक पार्टियां हिस्सा लेंगी. आम आदमी पार्टी और द्रमुक (DMK) इस बैठक से दूरी बना ली है. CPI(M) भी कांग्रेस से नाराज है. हालांकि, वह इस बैठक में शामिल होगी.
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब एक महीने पहले ही 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आए थे और इसमें 'INDIA' ब्लॉक की दो अहम पार्टियां- DMK और तृणमूल कांग्रेस को जबरदस्त हार मिली थी. हालिया विधानसभा चुनावों और बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच हो रही इस बैठक को विपक्ष की 'एकजुटता' के तौर पर देखा जा रहा है.
अब सोमवार को 'INDIA' ब्लॉक की यह बैठक दोपहर 12 बजे दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में होगी. इस बैठक में शामिल होने के पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच गईं हैं.
मीटिंग में कौन-कौन आएगा?
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया कि 23 राजनीतिक पार्टियां इस बैठक में शामिल होंगी. उन्होंने बताया कि कुछ पार्टियों ने इस बैठक में आने में असमर्थता जताई है.
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी के तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.
राहुल गांधी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप लीड करना चाहते हैं तो आपको सभी को साथ लेकर चलना होगा. अगर आप अपने सहयोगियों को गाली देंगे तो आपके साथ कौन रहेगा.
इससे पहले CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर सफाई भी मांगी थी. तमाम मतभेदों के बावजूद CPI(M) इस बैठक में शामिल होगी. न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बैठक में CPI(M) की ओर से राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास शामिल होंगे.
इस बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) को औपचारिक रूप से 'INDIA' गठबंधन में शामिल किए जाने की संभावना है. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि DMK के दूरी बनाने के बाद गठबंधन को TVK के रूप में एक 'दोस्त' मिल गया है.
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में उन्हीं दलों को आमंत्रित किया गया है जिनके सांसद हैं. यानी विजय की पार्टी TVK इस बैठक में शामिल नहीं होगी.
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DMK की दूरी, AAP अलग हो गई
इस बैठक से DMK ने जहां दूरी बना ली है, वहीं आम आदमी पार्टी ने 'INDIA' ब्लॉक से खुद को अलग कर लिया है.
DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक मीटिंग का बॉयकॉट करने का फैसला किया है, क्योंकि हम ऐसी जगह नहीं रहना चाहते जहां कांग्रेस मौजूद हो.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपने वाली है. उन्होंने हमारा काम और डीएमके पार्टी के वर्कर्स की मेहनत और पसीना चुराया और फिर खेमा बदल लिया. यह मौकापरस्ती का सबसे अच्छा उदाहरण है. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ऐसी जगह हिस्सा लेती है या वहां दिखती है, जहां कांग्रेस शामिल है तो यह सभी DMK कैडर का अपमान होगा.
आम आदमी पार्टी (AAP) जो पहले कभी 'INDIA' ब्लॉक का हिस्सा हुआ करती थी, अब सार्वजनिक रूप से अलग होने का ऐलान कर दिया है. पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, 'आम आदमी पार्टी 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए उनकी बैठक पर टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा.'
इससे पहले, AAP नेता सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छोटी पार्टियों को कमजोर करने के लिए बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि 'इंडिया बलॉक गठबंधन बनाने वाली पॉलिटिकल पार्टियों से मेरी दिल से गुजारिश है कि मेरी सोच के हिसाब से कांग्रेस देश भर में रीजनल और छोटी पार्टियों को कमजोर करने के लिए बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि भाजपा और कांग्रेस बारी-बारी से देश पर राज कर सकें.'
वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बैठक से पहले CPI(M) की ओर से कांग्रेस को लिखे पत्र को लेकर गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए हैं. पूनावाला ने कहा कि एमए बेबी के पत्र ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया है और इससे 'INDIA' गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े होते हैं.
उन्होंने कहा, 'केरल में 'INDIA' गठबंधन कहां था? वह कांग्रेस थी या वाम दल? बंगाल में 'INDIA' गठबंधन में कौन था? पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में यह कहां है?' उन्होंने आरोप लगाया कि यह गठबंधन सिर्फ कागज पर है.
पूनावाला ने कहा, 'कांग्रेस अपने सहयोगियों को धोखा देती है. यह बेबुनियाद आरोप लगाती है, उनका वोट बैंक छीन लेती है और फिर लोकतंत्र का रक्षक होने का दिखावा करती है. लेकिन 'इंडी' गठबंधन में कोई भी राहुल गांधी और कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेता. यह 'इंडी' गठबंधन में एक और दरार है.'
बहरहाल, नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 'INDIA' ब्लॉक आपसी तालमेल और मोदी सरकार को घेरने के लिए क्या रणनीति बनाता है?
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