- इंडिया AI समिट में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 40 से ज्यादा मंत्री, करीब 100 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे
- भारत अपने विकसित बुनियादी AI मॉडल प्रदर्शित करेगा, जो तकनीकी नवाचार और स्केलेबल समाधानों की क्षमता दिखाएंगे
- समिट में गूगल के सुंदर पिचाई और OpenAI के सैम ऑल्टमैन समेत शीर्ष एआई दिग्गज भाग लेंगे
16 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे पांच‑दिवसीय "इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026" में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, 40–45 वरिष्ठ मंत्रियों और करीब 100 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. यह समिट AI सेक्टर में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाने वाला सबसे बड़ा मंच माना जा रहा है, जहां नीतिगत, तकनीकी और वैश्विक सहयोग की दिशा तय होगी.
भारत के बुनियादी एआई मॉडल होंगे प्रदर्शित
इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में 100 प्रमुख सीईओ भी हिस्सा लेंगे, जिनके सामने भारत अपने बुनियादी एआई मॉडल प्रदर्शित करेगा. यह मॉडल भारत में विकसित तकनीक, इनोवेशन और स्केलेबल AI समाधानों की क्षमता को दिखाएंगे. इस प्रदर्शन के ज़रिए भारत का मकसद है कि वह खुद को उभरती AI सुपरपावर के रूप में स्थापित करे.
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पिचाई, ऑल्टमैन सहित शीर्ष AI दिग्गजों की मौजूदगी
MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने एनडीटीवी से कहा कि इस समिट मीटिंग में गूगल के ग्लोबल सीईओ सुंदर पिचाई, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन समेत दुनिया भर की शीर्ष AI कंपनियों के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. बड़े तकनीकी दिग्गजों की यह मौजूदगी भारत में AI इकोसिस्टम के विकसित होते बाजार को बड़ी मजबूती देने वाली है.
पीएम करेंगे AI इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन
पीए मोदी सोमवार, 16 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे. यह एक्सपो समिट के साथ ही आयोजित किया जा रहा है और इसे एक राष्ट्रीय मंच की तरह तैयार किया गया है, जहां आम नागरिकों को एआई तकनीक को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। यह मंच AI उपयोग के व्यावहारिक पक्ष को उजागर करेगा.
‘पीपल, प्लैनेट, प्रोग्रेस' थीम पर 300+ पवेलियन
इस एक्सपो की थीम लोग, ग्रह और उन्नति (People, Planet and Progress) पर आधारित है, जिसके तहत 300 से अधिक क्यूरेटेड प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो प्रस्तुत किए जाएंगे. यहां AI के समाज, पर्यावरण और विकास आधारित उपयोगों को वास्तविक उदाहरणों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से दिखाया जाएगा.
70,000 वर्ग मीटर में फैला भव्य एक्सपो
पीएमओ ने बताया कि 70,000 वर्ग मीटर में फैले 10 एरेना वाले इस एक्सपो में वैश्विक टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय पार्टनर शामिल होंगे। यहां एआई सहयोग को प्रदर्शित करते हुए 13 देशों—जैसे जापान, यूके, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, रूस, सर्बिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका—के पवेलियन भी लगेंगे।
600 से अधिक स्टार्टअप्स दिखाएंगे इनोवेशन
एक्सपो में 600+ हाई-कैपेसिटी स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे, जो अपने ऐसे समाधानों को प्रदर्शित करेंगे जो वास्तविक दुनिया में पहले से उपयोग में हैं. इसमें हेल्थकेयर, एग्रीटेक, एजुकेशन, साइबर सिक्योरिटी, शहरी विकास और अन्य सेक्टरों से जुड़े इनोवेशन शामिल होंगे, जो AI के ज़रिए समस्याओं के समाधान का रास्ता दिखाते हैं.
ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा AI समिट
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 2.5 लाख से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान है। इसे ग्लोबल साउथ का अब तक का सबसे बड़ा AI सम्मेलन बताया जा रहा है. इसका उद्देश्य वैश्विक AI तंत्र में नई साझेदारियां बनाना, बिजनेस अवसर पैदा करना और भारत को AI नेतृत्व के केंद्र के रूप में स्थापित करना है.
500+ सेशन, 3250 विशेषज्ञ, AI के भविष्य पर गहन चर्चा
इस समिट में 500 से अधिक विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 3250 से अधिक विशेषज्ञ और वक्ता शामिल होंगे. ये सत्र AI के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव, भविष्य की संभावनाओं, जिम्मेदार और समावेशी AI के ढांचे, और तकनीक को हर वैश्विक नागरिक तक पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे.













