कोविड सहित श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में वृद्धि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 20 दिसंबर को करेंगे बैठक

सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री कुछ राज्यों में हाल में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और कोविड-19 सहित गंभीर श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

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भारत का जेएन.1 स्वरूप का पहला मामला आठ दिसंबर को केरल में सामने आया था.
नई दिल्ली:

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया कुछ राज्यों में कोविड-19 सहित श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की तैयारियों की 20 दिसंबर को समीक्षा करेंगे. आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मांडविया सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और अतिरिक्त मुख्य प्रमुख सचिवों (स्वास्थ्य) और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ डिजिटल तरीके से समीक्षा बैठक करेंगे.

सरकार ने सोमवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में वृद्धि और देश में कोरोना वायरस के नए जेएन.1 स्वरूप (वैरिएंट) के पहले मामले का पता चलने के बीच निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा.

भारत का जेएन.1 स्वरूप का पहला मामला आठ दिसंबर को केरल में सामने आया. इससे पहले, तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के एक यात्री को सिंगापुर में जेएन.1 स्वरूप से संक्रमित पाया गया.

सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री कुछ राज्यों में हाल में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और कोविड-19 सहित गंभीर श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

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वह चिकित्सकीय ऑक्सीजन, अस्पताल के बिस्तर, वेंटिलेटर, दवाओं, डायग्नोस्टिक्स समेत अन्य इंतजाम और निगरानी उपायों की स्थिति का भी जायजा लेंगे.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में देश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि और जेएन.1 स्वरूप का पहला मामला सामने आने के मद्देनजर निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा.

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पत्र में राज्यों से कहा गया है कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड​​-19 के लिए साझा की गई संशोधित निगरानी रणनीति को लेकर विस्तृत दिशानिर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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