पायलट की थकान की समस्या से निपटने के लिए नियमों में किए गए सुधार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सुनिश्चित करने के लिए नये नियम तैयार किए गए हैं कि पायलट की थकान के मुद्दे से निपटने के कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, बल्कि अन्य सभी आवश्यक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाए.

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नई दिल्ली:

पायलटों की थकान से निपटने के लिए विमानन निगरानी संस्था ने ‘नागरिक उड्डयन आवश्यकता' (सीएआर) में ‘ड्यूटी अवधि, उड़ान ड्यूटी अवधि और निर्धारित आराम अवधि' से जुड़े सुधार किए हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा, "नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इन सुधारों की शुरुआत पायलटों की थकान को दूर करने, समग्र उड़ान सुरक्षा को बढ़ाने और भारत में विमानन क्षेत्र की अनुमानित वृद्धि के साथ इसे संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा."

एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संशोधित नियम तत्काल प्रभावी हैं और एयरलाइन ऑपरेटरों को 1 जून तक उनका अनुपालन करना आवश्यक है. सीएआर, हवाई परिवहन परिचालन में कार्यरत चालक दल के नियमों से संबंधित है

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आराम के अधिक घंटों सहित पायलट की थकान से निपटने के लिए प्रस्तावित नए नियम इन पेशेवरों के लिए एक सुविधाजनक व्यवस्था स्थापित करने में मददगार साबित होंगे.

सिंधिया ने कहा कि पायलट की थकान से जुड़े मुद्दों के लिए सीएआर पर दोबारा गौर किया गया है. ये सुनिश्चित करने के लिए नये नियम तैयार किए गए हैं कि पायलट की थकान के मुद्दे से निपटने के कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, बल्कि अन्य सभी आवश्यक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाए.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हम उस अवधि का विस्तार करने पर विचार कर रहे थे, जो रात की पाली की अवधि होगी, जिससे पायलट के लिए और अधिक सुविधाजनक व्यवस्था होगी. डीजीसीए 36 घंटे की आराम अवधि के बजाय 48 घंटे का आराम सुनिश्चित करना चाहता है."

पायलट के बीच थकान को लेकर बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने नवंबर 2023 में उनके लिए आराम के अधिक समय सहित उड़ान चालक दल के ड्यूटी समय को नियंत्रित करने वाले मानदंडों में विभिन्न बदलावों का प्रस्ताव रखा था.

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