बेमौसम बारिश से खुश मत होना, मई -जून की गर्मी इस बार पसीने छुड़ा देगी, पढ़ लें मौसम विभाग की चेतावनी

Weather Forecast for April: मौसम विभाग ने अप्रैल से जून तक भयंकर गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है. अल नीनो के प्रभाव से इस साल गर्मी नए रिकॉर्ड बना सकती है. मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले हफ्ते में बारिश के बाद भी गर्मी कम नहीं होगी.

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नई दिल्ली:

Weather News April: उत्तर भारत में मार्च के पहले 15 दिनों में पारा तेजी से चढ़ते हुए 35-37 डिग्री तक पहुंचा था और अप्रैल-मई जैसी गर्मी का अहसास होने लगा था. कई जगहों पर लू के थपेड़े भी चलने लगे थे, लेकिन आखिरी 10 दिनों में मौसम ने पलटी मारी और तापमान गिरकर 30-32 डिग्री तक आ गया. मार्च के आखिरी दस दिनों में चार से पांच बार बादलों के बीच हल्की-फुल्की बारिश ने गर्मी ज्यादा नहीं बढ़ने दी, लेकिन इससे आने वाले महीनों में राहत के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मई-जून में रिकॉर्ड गर्मी पड़ेगी.मौसम विभाग डीजी ने औसत से अधिक लू  (Heat Wave) की चेतावनी जारी की है.

मौसम विभाग का कहना है कि जलवायु परिवर्तन का असर वातावरण पर बढ़ता जा रहा है. मार्च के बाद इस साल अप्रैल महीने के दौरान भी औसत से अधिक बारिश का पूर्वानुमान है. इसकी वजह से अप्रैल 2026 के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य या उससे नीचे रहने की संभावना है, लेकिन इस साल मई और जून महीने में रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की आशंका है.भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों महीनों के दौरान देश के कई हिस्सों में औसत से काफी ज्यादा हीट वेव चलने का पूर्वानुमान है.  

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भारत मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहपात्रा ने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा,आमतौर पर मई और जून महीने में हर महीने 3 से 7 उष्ण लहर वाले दिन रिकॉर्ड किए जाते हैं. लेकिन इस साल हमारा पूर्वानुमान है की लू वाले दिनों की संख्या मई और जून में औसत से 5 से 7 दिन ज्यादा रहेगी.  यानी इस साल मई और जून महीने में गर्मी औसत से ज्यादा पड़ने  की आशंका है.

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भारत मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल के मुताबिक, अप्रैल महीने में ज्यादा हीट वेव की उम्मीद नहीं है क्योंकि इस महीने वेस्टर्न डिस्टरबेंस ज्यादा सक्रिय रहेगा और देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ थंडरस्टॉर्म और हेलस्टॉर्म की ज़्यादा संभावना है.

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अल नीनो (EL NINO) पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. एम मोहपात्रा ने कहा, EL Nino कंडीशंस जून तक न्यूट्रल रहेंगे। लेकिन दक्षिण पश्चिम मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से में. जुलाई और अगस्त महीने में El Nino कंडीशन के सक्रिय होने की संभावना है. लेकिन मानसून के पहले हिस्से में इसका असर नहीं होगा.

मौसम विभाग डीजी ने कहा कि भारत में मानसून की दिशा-दशा तय करने में El Nino सिर्फ एक फैक्टर है, इस साल हिमालय क्षेत्र में Snow Cover औसत से कम रहा है जो मॉनसून के लिए अच्छा है. अब भारत मौसम विभाग अप्रैल के मध्य तक इस साल के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के लिए अपना मॉनसून फोरकास्ट जारी करेगा.

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