2025 में मौसम ने बरपाया भयंकर कहर, IMD ने बताया- आपदाओं में 2700 से ज्यादा लोगों की मौत

अलग-अलग आपदाओं में सबसे ज़्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड की गई. जबकि मध्य प्रदेश आपदा से हुई मौतों के मामले में दूसरे नंबर पर है. आंधी-तूफ़ान और बिजली गिरने की वजह से सबसे ज़्यादा मौतें बिहार में रिकॉर्ड की गई.  

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2025 में मौसम जनित आपदाओं में कितने लोगों की मौत हुई, IMD ने बताया.
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  • IMD के अनुसार 2025 में वार्षिक औसत भूमि सतह हवा का तापमान सामान्य से 0.28 प्रतिशत अधिक रिकॉर्ड किया गया.
  • 2025 में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 1310 से जबकि भारी बारिश और बाढ़ से 1370 से अधिक लोगों की जान गई.
  • दक्षिण-पश्चिम मानसून 2025 में सामान्य तिथि से लगभग छह दिन पहले देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा था.
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नई दिल्ली:

जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का साया देश के अलग-अलग हिस्सों पर गहराता जा रहा है. साल 2025 के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में आपदाओं ने भयंकर कोहराम मचाया जिसमें सैकड़ों आम लोगों की जान चली गयी और पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टी को भारी नुकसान हुआ. गुरुवार को भारत मौसम विभाग (IMD) के डायरेक्टर जनरल डॉ.एम मोहपात्रा ने "सर्दी के मौसम की बारिश के लिए मौसमी आउटलुक और जनवरी 2026 के लिए बारिश और तापमान का मासिक आउटलुक" जारी करते हुए बताया कि हाल के साल में तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है. 

डॉ.एम मोहपात्रा ने कहा, "2025 में वार्षिक औसत भूमि सतह हवा का तापमान सामान्य से 0.28% अधिक था. साल 1901 के बाद से 2025 8वां सबसे गर्म वर्ष था. हाल के वर्षों में औसत तापमान में रिकॉर्ड की गयी वृद्धि के पीछे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव है".

जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम में हो रहे बदलाव का कहर 2025 के दौरान अलग-अलग आपदाओं में साफ़ तौर पर दिखा. IMD DG  डॉ. मोहपात्रा ने बताया कि साल 2025 में मौसम जनित आपदाओं में 2715 से ज्यादा लोगों की जान गई. 

आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 1310 से अधिक लोगों की मौत

IMD DG  डॉ. मोहपात्रा ने गुरुवार को आंकड़े जारी करते हुए कहा, "आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं की वजह से देश में 1310 से अधिक लोगों की जान गई. साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की घटनाओं ने 1370 से अधिक लोगों की जान ले ली. जबकि, 2025 में हीटवेव संकट की वजह से 35 से अधिक लोगों की जान चली गयी".

अलग-अलग आपदाओं में सबसे ज़्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड की गई. जबकि मध्य प्रदेश आपदा से हुई मौतों के मामले में दूसरे नंबर पर है. आंधी-तूफ़ान और बिजली गिरने की वजह से सबसे ज़्यादा मौतें बिहार में रिकॉर्ड की गई.  

2025 में छह दिन पहले पहुंचा था मानसून

2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तिथि से लगभग छह दिन पहले 13 मई को दक्षिण अंडमान सागर और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच गया. यह अपनी सामान्य तिथि 1 जून से आठ दिन पहले 24 मई को केरल पहुंचा और अपनी सामान्य तिथि 8 जुलाई से 9 दिन पहले 29 जून 2025 को पूरे देश में पहुंच गया.

2025 में जमकर हुई बारिश 

भारत मौसम विभाग के मुताबिक साल 2025 के दौरान सालाना बारिश लंबी अवधि के औसत (long-period average (LPA)) का 110% रिकॉर्ड की गई. मई महीने में ऑल इंडिया स्तर पर कुल बारिश 126.7 मिमी हुई जो 1901 के बाद पिछले 124 साल के दौरान सबसे अधिक थी, जबकि प्री-मॉनसून सीज़न के दौरान कुल वर्षा 185.8 मिमी हुई जो 1901 के बाद पिछले 124 साल में से तीसरी सबसे अधिक रिकॉर्ड की गयी.

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यही वजह है कि दक्षिण-अपश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में, विशेषकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में बदल फटने, भूस्खलन और फ़्लैश फ्लड जैसी आपदाओं ने भयंकर कोहराम मचाया.  

जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का असर तटीय इलाकों में भी बढ़ता जा रहा है. IMD DG के मुताबिक, साल 2025 के दौरान 15 Cyclonic Disturbances रिकॉर्ड किया गए जो एक तरह का रिकॉर्ड है. आमतौर पर एक साल में 11 Cyclonic Disturbances रिकॉर्ड किये जाते रहे हैं.

दिसंबर में कम रही ठंड    

दिसम्बर महीने के दौरान ठण्ड भी इस बार औसत से कम महसूस की गयी. भारत मौसम विभाग के आंकलन के मुताबिक, दिसम्बर महीने के दौरान औसत मासिक तापमान उत्तर-पश्चिम भारत में 1901 के बाद चौथा सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया है.

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