मम्मी मैं लूजर, जीना नहीं चाहता... IIT दिल्ली में सुसाइड करने वाले छात्र की मां ने बयां किया दर्द

आईआईटी दिल्ली के एक छात्र ने पिछले दिनों कैंपस में सुसाइड कर लिया. परिजनों का आरोप है कि उस पर संस्थान के प्रशासन के साथ हुई बातचीत का गहरा असर पड़ा था.

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छात्र की मौत के बाद कैंपस में प्रोटेस्ट हो रहा है. (File Photo)
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  • आईआईटी दिल्ली में सुसाइड करने वाले छात्र के परिजनों प्रशासन पर कई आरोप लगाए हैं.
  • मृतक छात्र की मां ने कहा- हॉस्पिटल ने NOC दिया था, फिर भी उसे हॉस्टल में एंट्री नहीं मिली.
  • छात्र की मौत को लेकर कैंपस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है.
नई दिल्ली:

आईआईटी दिल्ली के M.Sc. Physics के एक 31 साल के छात्र ऋषिकेश की शनिवार, 22 अगस्त की सुबह कैंपस की एक बिल्डिंग की छठी मंजिल से कूदने से कथित तौर पर मौत हो गई. इसके बाद से ही संस्थान के छात्रों में गुस्सा है और वे प्रोटेस्ट कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि स्टूडेंट वेलफेयर की एसोसिएट डीन प्रोफेसर श्रीदेवी उपाध्याउला इस्तीफा दें. मृतक छात्र के परिवार ने इंस्टीट्यूट के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्हें स्टूडेंट के आत्महत्या करने की सोच के बारे में पता होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया. इसके साथ ही, परिवार का यह भी आरोप है कि उसे बार-बार मदद देने से मना किया गया, जिसमें रहने की जगह और एकेडमिक प्रोजेक्ट में मदद शामिल थी.

परिवार ने आरोप लगाया कि ऋषिकेश पर संस्थान के प्रशासन के साथ हुई बातचीत का गहरा असर पड़ा था और अपनी मौत से कुछ दिन पहले वह अपमानित और परेशान महसूस कर रहा था.

एनडीटीवी ने मृतक छात्र ऋषिकेश कुमार के परिजनों से बात की है. मृतक के भाई ने कहा, "उसे लगने लगा था कि वह जिंदगी में पूरी तरह नाकाम हो गया है. करीब एक हफ्ते से उसका किसी भी चीज में मन नहीं लग रहा था. वह न तो ठीक से अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था, न ही लैपटॉप पर काम करता या कुछ टाइप करता था. उसने करीब-करीब सब कुछ छोड़ दिया था."

'वह कहता था- मैं लूजर हूं...'

मृतक छात्र की मां कहती हैं, "वह मुझसे कहता था कि मम्मी, मेरे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा है. मुझे लगता है कि मैं बहुत बड़ा लूजर हूं. मुझे आत्महत्या के विचार आ रहे हैं."

परिवार का कहना है कि जिस अस्पताल में ऋषिकेश का इलाज चल रहा था, उसने उसे 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' यानी NOC दिया था और कॉलेज वापस जाकर अपनी पढ़ाई जारी रखने की मंजूरी दी थी. इसके बावजूद, कॉलेज प्रशासन ने उसकी मानसिक स्थिति का हवाला देते हुए उसे हॉस्टल में रहने की इजाजत नहीं दी.

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परिवार ने बताया कि घटना से एक रात पहले उन्होंने उससे लंबी बात की थी और वे उसे दोबारा डॉक्टर के पास ले जाने, काउंसलिंग का इंतजाम करने और उसे जरूरी इलाज व मदद दिलाने के बारे में सोच रहे थे.

छात्रों का प्रदर्शन जारी...

आत्महत्या मामले में आईआईटी दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी. उसका नेतृत्व करने वाले पूर्व DG अशोक कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया है. नए नाम का ऐलान जल्द ही किया जा सकता है. छात्रों ने डीन के इस्तीफे की मांग की है. छात्रों का कहना है कि संस्थान में 2 साल के अंदर 8 सुसाइड हुए हैं. ऐसा माहौल बनाया जाए कि ऐसी घटनाएं बंद हों.

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