अगर कांग्रेस ने ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा होता तो मप्र का नतीजा अलग होता : संजय राउत

राउत ने कहा कि चुनाव परिणाम से सबक मिलता है कि भविष्य के चुनावों को ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत मिलकर लड़ना चाहिए. शिवसेना (यूबीटी) के नेता के प्रवक्ता ने कहा, “‘टीम वर्क’ की जरूरत थी. राज्य के दलों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. स्थानीय दलों को नजरअंदाज कर कोई राजनीति नहीं कर सकता है.”

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मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि अगर कांग्रेस ने ‘इंडिया' गठबंधन के तहत इसके घटक दलों के साथ कुछ सीटें साझा की होतीं तो मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे अलग होते. राउत ने यह भी कहा कि कांग्रेस को सहयोगियों के प्रति अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करना चाहिए और याद दिलाया कि कमलनाथ ने चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के साथ सीटें साझा करने का विरोध किया था.

हालांकि, राउत ने कहा कि चुनाव नतीजों से ‘इंडिया' गठबंधन के सदस्यों में कोई मतभेद नहीं होगा. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरी स्पष्ट राय है कि मध्यप्रदेश का चुनाव ‘इंडिया' गठबंधन तहत लड़ा जाना चाहिए था. अगर कुछ सीटें गठबंधन दलों, जैसे कि अखिलेश की पार्टी (समाजवादी पार्टी) के साथ साझा की जातीं, तो कांग्रेस का प्रदर्शन कहीं बेहतर होता. उनकी (अखिलेश की) पार्टी को कुछ क्षेत्रों में अच्छा समर्थन प्राप्त है, जिनमें पार्टी का गढ़ कही जाने वाली 10-12 सीटें भी शामिल हैं.”

राउत ने कहा कि चुनाव परिणाम से सबक मिलता है कि भविष्य के चुनावों को ‘इंडिया' गठबंधन के तहत मिलकर लड़ना चाहिए. शिवसेना (यूबीटी) के नेता के प्रवक्ता ने कहा, “‘टीम वर्क' की जरूरत थी. राज्य के दलों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. स्थानीय दलों को नजरअंदाज कर कोई राजनीति नहीं कर सकता है.”

राउत ने कहा, 'इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक छह दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली है. इसमें उद्धव ठाकरे शामिल होंगे.' राज्यसभा सदस्य ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी बधाई देना चाहते हैं जिन्होंने उन राज्यों में विपक्षी दलों पर छापे मारे जहां चुनाव हुए थे.

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उन्होंने कहा, 'संसाधन फंस गए या जब्त कर लिए गए जिन्हें चुनाव प्रबंधन का हिस्सा कहा जा सकता है. भाजपा हमेशा ऐसे चुनाव लड़ती है जैसे वह विपक्ष के साथ युद्ध कर रही हो.' राउत ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'पनौती' टिप्पणी से मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनावों के नतीजों पर असर पड़ा होगा.

उन्होंने कहा, “ यदि ऐसा था, तो इस टिप्पणी का तेलंगाना में उलटा असर क्यों नहीं हुआ. गुजरात के बाद मध्यप्रदेश में लंबे समय से प्रखर हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता मौजूद हैं. इसका नागपुर से अच्छा संबंध है.” राउत ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की लोगों के बीच छवि ने भी चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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