26 मोबाइल फोन, 14 चेक बुक; 9 राज्यों में फैला था साइबर जाल, 52 में 32 बैंक कर्मचारी ही निकले असली ठग

साइबर क्राइम के डीसीपी वी. अरविंद बाबू ने बताया कि इस नेटवर्क में बैंक के अंदरूनी लोग शामिल थे, जो साइबर अपराधियों को फर्जी खातों के जरिए चोरी का पैसा इधर‑उधर करने में मदद कर रहे थे. हम पूरे पैसे के लेन‑देन की जांच कर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
hyderabad cyber crime
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0 के तहत एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है
  • कार्रवाई में नौ राज्यों से 52 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 32 बैंक कर्मचारी शामिल हैं
  • आरोपियों में बैंक मैनेजर, क्लर्क और केवाईसी स्टाफ हैं, जो फर्जी खाते खोलने में मदद कर रहे थे
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
हैदराबाद:

एक बड़ी कार्रवाई में हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0 के तहत एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में 9 राज्यों से 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 32 बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं.पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन उन बैंक अधिकारियों के खिलाफ किया गया है, जो साइबर अपराधियों की मदद कर फर्जी (म्यूल) खाते खोलने और चलाने में शामिल थे, ताकि अवैध पैसे का लेन‑देन किया जा सके.गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बैंक मैनेजर, क्लर्क और केवाईसी स्टाफ शामिल हैं. ये कर्मचारी बैंक ऑफ बड़ौदा, बंधन बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे बैंकों से जुड़े बताए जा रहे हैं. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी कर रही है. 

क्यों करनी पड़ी कार्रवाई?

यह कार्रवाई महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना सहित कई राज्यों में एक हफ्ते तक चली संयुक्त पुलिस कार्रवाई के तहत की गई है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 26 मोबाइल फोन, 14 चेक बुक, 21 फर्जी कंपनी की मोहरें और अन्य सामान बरामद किए हैं. अधिकारियों के अनुसार, इनका इस्तेमाल फर्जी बैंक खाते खोलने और चलाने के लिए किया जा रहा था.

ऐसे पता चला पूरा खेल 

साइबर क्राइम के डीसीपी वी. अरविंद बाबू ने बताया कि इस नेटवर्क में बैंक के अंदरूनी लोग शामिल थे, जो साइबर अपराधियों को फर्जी खातों के जरिए चोरी का पैसा इधर‑उधर करने में मदद कर रहे थे. हम पूरे पैसे के लेन‑देन की जांच कर रहे हैं.वहीं पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के अपराधों में शामिल कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो,कठोर कानूनी कार्रवाई से नहीं बचेगा. साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन ऑक्टोपस 1.0 के बाद की गई है, जिसमें पहले 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई थीं और सैकड़ों फर्जी खाते सामने आए थे.पुलिस ने आम लोगों को सलाह दी है:
➔किसी के साथ OTP या बैंक डिटेल साझा न करें
➔अनजान लिंक पर क्लिक न करें
➔अपना बैंक खाता किसी को न दें
➔साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोग 1930 नंबर पर कॉल कर या सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं

Advertisement

यह भी पढ़ें-  कोई रोया तो कोई चीखा-चिल्लाया... जब बीच हवा में बेकाबू हो गई फ्लाइट, 4 घंटे तक डर के साये में रहे यात्री

यह भी पढ़ें- ये ड्यूटी नहीं मजबूरी है... मच्छरदानी में Duty करते सिक्योरिटी गार्ड का Video वायरल, देखकर भावुक हुए लोग

Advertisement
Featured Video Of The Day
BREAKING: होर्मुज में फायरिंग, ईरानी मालवाहक जहाज पर US ने किया फायर
Topics mentioned in this article