भारत पर ट्रंप का 25% टैरिफ अटैक, समझिए एशियाई देशों के मुकाबले ये चोट कितनी गहरी?

ट्रंप के ट्रेड वॉर की चपेट में आने वाला भारत अकेला देश नहीं है. आइए देखें कि भारत इस टैरिफ वॉर में कहां खड़ा है और बाकी एशियाई देशों का क्या हाल है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.
  • भारत पर ये टैरिफ चीन पर लगे 51% टैरिफ से कम हैं, लेकिन सबसे ऊंचे टैरिफ में से एक है.
  • सबसे बड़ी चोट चीन को लगी है. जापान को दोस्ती का फायदा मिला तो वियतनाम बचने में सफल रहा.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखे तेवर दिखाते हुए भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ का ऐलान कर दिया है. उन्होंने रूस से सैन्य साजोसामान और तेल खरीद को लेकर भारत पर पेनल्टी लगाने की भी घोषणा की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह ऐलान भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में नई खटास पैदा कर सकता है. लेकिन ट्रंप की ट्रेड वॉर की चपेट में आने वाला भारत अकेला देश नहीं है. आइए देखें कि भारत इस टैरिफ वॉर में कहां खड़ा है और बाकी एशियाई देशों का क्या हाल है.

भारत: रूस से रिश्तों की कीमत?

ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. यह भले ही चीन पर लगाए गए 51% टैरिफ से कम हैं, लेकिन बिना द्विपक्षीय व्यापार समझौते के सबसे ऊंचे टैरिफ में से एक है. लगता है, रूस से भारत के गहरे रक्षा एवं ऊर्जा संबंधों से ट्रंप चिढ़ गए हैं. भारत बार-बार कहता आया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, हालांकि अब हालात अलग मोड़ लेते दिख रहे हैं. भारत-अमेरिका ट्रेड डील अभी फाइनल होती नहीं दिख रही है. ट्रंप का नया ऐलान भारत के लिए आर्थिक और सामरिक दबाव पैदा कर सकता है. 

चीन: टैरिफ की सबसे तगड़ी मार

ट्रंप की संरक्षणवादी नीति का सबसे बड़ा शिकार चीन है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीनी वस्तुओं पर 51% का भारी भरकम टैरिफ लगाया है. दूसरी तरफ, अमेरिकी निर्यात पर चीन ने औसतन 32.6% का शुल्क लगा रखा है. दोनों की इस टैरिफ वॉर ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर डाला है और ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता पैदा कर दी है. 

वियतनाम: चतुराई से बचने में सफल

वियतनाम फिलहाल ट्रंप के टैरिफ तूफान से मोटा-मोटी बचने में कामयाब होता दिख रहा है. जुलाई की शुरुआत में, अमेरिका ने वियतनाम की वस्तुओं पर 20% टैरिफ और चीन जैसे देशों से होकर आने वाली शिपमेंट पर 40% शुल्क लगाने की बात कही थी. 

Advertisement

इंडोनेशिया: ट्रंप की ग्रेट डील

ट्रंप के शब्दों में उन्होंने इंडोनेशिया को ग्रेट डील दी है. अमेरिका ने इंडोनेशिया पर 19% टैरिफ लगाया है, जो पहले प्रस्तावित 32% से काफी कम है. इसके अलावा अमेरिका ने इंडोनेशिया को अपने बाजार में बिना जवाबी शुल्क के पूरी पहुंच देने का भी वादा किया है.

जापान: दोस्ती का फायदा

जापान अमेरिका का अहम सहयोगी देश है. उसे संभवतः इसका फायदा मिला है. ट्रंप ने जापान पर 15% का मामूली टैरिफ लगाया है. लेकिन इसके बदले में, जापान ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 550 अरब डॉलर के निवेश का वादा भी किया है. 

Advertisement

मलेशिया और श्रीलंका: मुश्किल में

मलेशिया को भारत की तरह 25% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, श्रीलंका पर ट्रंप ने 30% का भारी भरकम शुल्क लगाया है. ट्रंप के टैरिफ वॉर में, श्रीलंका क्षेत्र के सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक बन गया है.

फिलीपींस: एकतरफा सौदा

ट्रंप ने फिलीपींस के साथ अपने ट्रेड एग्रीमेंट को ऐतिहासिक बताया है. फिलीपींस में अमेरिकी सामान बिना किसी टैरिफ के जा सकेंगे, लेकिन फिलीपींस के निर्यात पर 19% शुल्क लगाया गया है. यह सौदा द्विपक्षीय समझौतों में ट्रंप की असंतुलित नीति को दिखाता है, जिसमें अमेरिकी निर्यातकों को फायदा पहुंचाया जा रहा है.

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | West Bengal Election 2026 Exit Poll | बंगाल में किसकी सरकार?Bharat Ki Baat Batata Hoon
Topics mentioned in this article