7 खून, दो दिन, एक परिवार और अलग-अलग जगह लाशें... बेंगलुरु में हत्या का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जो दिल दहलाने वाला है. इस पूरे मामले को जब समझते हैं तो पहली नजर में तो ये किसी क्राइम थ्रिलर मूवी जैसा लगता है. लेकिन यह मूवी नहीं, बल्कि असल में ऐसा हुआ है.
सातों खून का आरोप एक कैब ड्राइवर पर लगा है. उसने पहले अपनी पत्नी की हत्या की. फिर ससुराल वालों को घर बुलाकर उन्हें भी मार डाला. आरोपी ने 7 साल के बच्चे को भी नहीं छोड़ा. इतना ही नहीं, हत्या करने के बाद उसने उन सभी की लाशें अलग-अलग जगह फेंक दीं.
इस मामले में 8 किरदार हैं. 7 वो हैं जिनकी हत्या हो गई और एक आरोपी, जो पेशे से कैब ड्राइवर है और उसका नाम इंदुशेखर है.
कौन-क्या है?
- इंदुशेखर- आरोपी
- सुनीता- इंदुशेखर की पत्नी
- रूपावती- सुनीता की मां
- शिवकुमार- सुनीता का भाई
- शंकर- सुनीता का भाई
- नलिनी- शिवकुमार की पत्नी
- दिव्या- शंकर की पत्नी
- पुनीत- उम्र 7 साल, शिवकुमार का बेटा
कैसे क्या कुछ हुआ?
इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है 20 साल पहले. पुलिस ने बताया कि 20 साल पहले इंदुशेखर और सुनीता की शादी हुई थी.
लेकिन दोनों के रिश्तों में अक्सर तनाव और झगड़ा बना रहता था. झगड़ा इसलिए होता था क्योंकि शादी के बाद भी सुनीता मायके वालों के करीब थी. भाई शिवकुमार और शंकर भी सुनीता का साथ देते थे.
दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था. सुनीता बार-बार मायके चले जाती थी. मां और भाइयों से मिलती थी. इसी कारण इंदुशेखर के मन में सुनीता और उसके पूरे परिवार को खत्म करने की बात आई.
यह भी पढ़ें | पत्नी के सामने गोलियों से भून डाला, अस्पताल के बाहर दिनदहाड़े हत्या, कर्नाटक के विजयपुरा का मामला
पहले पत्नी, फिर ससुराल वालों की हत्या
इंदुशेखर ने पहली हत्या अपनी पत्नी सुनीता की की. पुलिस सूत्रों ने बताया कि इंदुशेखर ने सबसे पहले सिलबट्टे से सुनीता की हत्या की. उसकी लाश को कपड़े में लपेटा और नंदी हिल्स के पास फेंक दिया.
हत्या करने के बाद उसने सुनीता का मोबाइल फोन बंद कर दिया. पड़ोसियों से कहा कि सुनीता कहीं बाहर घूमने गई है, ताकि किसी को शक न हो.
अगले दिन उसने अपने दोनों साले- शिवकुमार और शंकर को शराब पीने के लिए अपने घर बुलाया और फिर सिलबट्टे से दोनों की हत्या कर दी.
इंदुशेखर यहीं नहीं रुका. उसके बाद उसने दिव्या, नलिनी, अपनी सास रूपावती और शिवकुमार के सात साल के बेटे पुनीत की भी हत्या कर दी.
सबूत मिटाए, लाशों को ठिकाने लगाया
यह सब कुछ हुआ राजाजीनगर पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले भाष्यम सर्कल के पास 59वें क्रॉस पर स्थित एक रिहायशी इलाके में.
यहीं पर इंदुशेखर का घर था. आरोप है कि सभी लोगों की हत्या करने के बाद उसने घर की सफाई करने और खून के धब्बे मिटाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया था.
हत्या करने के बाद उसने उन सभी की लाशों को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. इंदुशेखर कैब ड्राइवर था और इसी कैब में कथित तौर पर लाशें रखकर उसने फेंक दीं.
पुलिस के मुताबिक, उसने चिकबल्लापुर जिले की नंदी हिल्स और तटीय कर्नाटक के चर्माडी घाट पर लाशों को ठिकाना लगाया.
पुलिस ने बताया कि तलाशी के बाद पुनीत का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खोजने की कोशिशें जारी हैं.
कैसे सामने आया हत्याकांड?
इस पूरे हत्याकांड का खुलासा तब हुआ, जब नलिनी की मां ने श्रीरामपुरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
जांच के दौरान पुलिस ने इंदुशेखर से पूछताछ की. इंदुशेखर बार-बार अपने बयान बदल रहे थे. इससे पुलिस को उस पर शक हुआ.
इसके बाद पुलिस ने जब उसके घर की तलाश ली तो अपराध से जुड़े कई सुराग हाथ लगे. पुलिस ने उस सिलबट्टे को बरामद कर लिया है, जिससे हत्याएं की गई थीं. साथ ही उस कार को भी जब्त कर लिया है जिससे शवों को ठिकाने लगाया गया था.
पुलिस पूछताछ में इंदुशेखर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसने बताया कि वह घरेलू कलह से परेशान था.
पुलिस के सामने तीन सवाल
इस पूरे हत्याकांड में तीन सवाल उभरकर सामने आए हैं.
- पहला- क्या हत्याओं को अंजाम देने में किसी ने उसकी मदद की थी?
- दूसरा- क्या इसमें इंदुशेखर की बेटी की भी कोई भूमिका है?
- तीसरा- रिहायशी इलाके में घर होने के बाद भी किसी को इन हत्याओं का पता कैसे नहीं चला?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं