ऐसी तबाही कभी नहीं देखी... हिमाचल में व्यास नदी ने मचाया तांडव, तिनके की तरह बहा पुल

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी)  20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 38 लापता है.

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उफनती व्यास नदी के पानी में मनाली-लेह राजमार्ग का लगभग 200 मीटर हिस्सा बह गया.
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  • हिमाचल प्रदेश के पालचन क्षेत्र में व्यास नदी के तेज बहाव से अटल टनल के पास आधा पुल बह गया है.
  • मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई घर और रेस्टोरेंट बाढ़ में तबाह हो गए हैं और भारी नुकसान हुआ है.
  • ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण खेती और घरों का भारी नुकसान हुआ है और बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हैंय
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मनाली:

हिमाचल प्रदेश के पालचन क्षेत्र में व्यास नदी के तेज बहाव ने भारी तबाही मचाई है. मनाली को लेह से जोड़ने वाले अटल टनल के आसपास आधा पुल बह गया है. जिससे दर्जनों गांवों का मनाली और लेह से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने कई घर और रेस्टोरेंट का नामों निशान तक खत्म हो गए हैं. व्यास नदी में आया उफान अपने साथ सबकुछ तबाह कर गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कभी ऐसी भयानक तबाही नहीं देखी. भारी बारिश और बाढ़ के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. प्रभावित इलाके में पहुंची NDTV ने गांव वालों से बात की. उन्होंने बताया कि पेड़ पर सेब लगे हैं, लेकिन अब सब तबाह हो गया है.

हमारा काफी नुकसान हुआ

एक गांव वाले ने कहा हमारा काफी नुकसान हुआ है. कोई साधन नहीं बचा है. सबकुछ बर्बाद हो गया है. सेब के पेड़ बह गए हैं. हर जगह पानी-पानी है. अगर कोई बीमार हो जाए तो कोई साधन नहीं है. सब अपने घरों में बैठे हैं, अपने खेतों से ही खाने का इंतजाम हो रहा है. एक अन्य गांव वाले ने कहा सेब तैयार है बेचने के लिए लेकिन अब क्या करें. कैसे बेचे, इस टाइम तो आधे से ज्यादा हम बेच देते. लेकिन अब ये ऐसे ही पड़ा है... पेड़ पर पक रहे हैं और नुकसान हो रहा है. उफनती व्यास नदी के पानी में मनाली-लेह राजमार्ग का लगभग 200 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे मार्ग बंद हो गया और पर्यटक फंस गए.

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी)  20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 38 लापता हैं. एसईओसी के आंकड़े से पता चला है कि राज्य में अब तक अचानक बाढ़ की 90 घटनाएं, बादल फटने की 42 घटनाएं और 84 बड़े भूस्खलन हुए हैं। इसके अनुसार बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,454 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हिमाचल प्रदेश में एक जून से 25 अगस्त तक 753 मिमी बारिश हुई, जबकि औसत बारिश 584.2 मिमी होती है, जो सामान्य से 29 प्रतिशत ज़्यादा है. राज्य में अगस्त में अब तक सामान्य से 62 प्रतिशत ज़्यादा बारिश हो चुकी है.

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