- मनाली में पहली बर्फबारी ने पर्यटकों के लिए यातायात जाम और बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है.
- गणतंत्र दिवस के लंबे वीकएंड पर कोठी और मनाली के बीच आठ किलोमीटर लंबा मार्ग वाहनों से पूरी तरह जाम हो गया है.
- हिमाचल में कुल 685 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिसमें लाहौल और स्पीति जिले के 292 सड़कें सबसे अधिक प्रभावित हैं.
हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली इस समय एक मानवीय और प्राकृतिक संकट के दौर से गुजर रहा है. लगभग तीन महीनों के लंबे सूखे के बाद, इस सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां एक ओर पहाड़ों को चांदी जैसी चमक दी, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों के लिए यह किसी डरावने सपने में बदल गई. गणतंत्र दिवस के लंबे वीकएंड और बर्फबारी की खबर ने देश भर से पर्यटकों को इस कदर आकर्षित किया कि मनाली की बुनियादी ढांचा चरमरा गई है.
ट्रैफिक का जाल और बुनियादी ढांचे पर दबाव शुक्रवार की शाम से शुरू हुआ यातायात का सिलसिला शनिवार और रविवार तक एक विशाल जाम में बदल गया. विशेष रूप से कोठी और मनाली के बीच का 8 किलोमीटर लंबा मार्ग वाहनों का एक 'स्थिर कब्रिस्तान' नजर आने लगा. विडंबना यह है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हजारों पर्यटक अपने वाहनों में कैद हैं. ईंधन की कमी, कड़ाके की ठंड ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. मनाली के होटल 100% बुकिंग दर्ज की है, जिसके कारण बिना पूर्व योजना के पहुंचे पर्यटक अब रात बिताने के लिए सुरक्षित ठिकाने की तलाश में कुल्लू के निचले इलाकों की ओर भाग रहे हैं.
हिमाचल की सड़कों पर 'तालाबंदी' जैसी स्थिति बर्फबारी केवल मनाली तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने पूरे राज्य के सड़क नेटवर्क को अस्त-व्यस्त कर दिया है. आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कुल 685 सड़कें अवरुद्ध हैं. इसमें सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय जिला लाहौल और स्पीति है, जहां 292 सड़कें पूरी तरह बंद हैं. चंबा (132), मंडी (126) और कुल्लू (79) में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है. सड़कों पर जमी 'ब्लैक आइस' (पाले की फिसलन भरी परत) ने ड्राइविंग को लगभग असंभव बना दिया है, जिससे न केवल पर्यटक बल्कि स्थानीय रसद और आपातकालीन सेवाएं भी ठप्प पड़ गई हैं.
वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के मद्देनजर राज्यव्यापी 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों के मुताबिक, 26 से 28 जनवरी के बीच राज्य के ऊपरी इलाकों में भारी से बहुत भारी हिमपात और निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. यह स्थिति उन पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है जो वर्तमान में फंसे हुए हैं या अभी भी पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं.
प्रशासनिक सतर्कता और मानवीय पहलू हिमाचल सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय कदम उठाए हैं. पुलिस और स्थानीय प्रशासन फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारी भीड़ और संकरी सड़कों के कारण राहत कार्य बेहद धीमी गति से चल रहे हैं. पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुके रहें.













